नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की इस बात के लिए तीखी आलोचना की कि वह सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद को दरकिनार कर अध्यादेश का रास्ता अपना रही है।
कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की चार घंटे चली बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश पढ़ा गया।
सोनिया ने अपने संदेश में कहा, “भाजपा सरकार सिर्फ सात महीनों में 10 अध्यादेश ला चुकी है, और इस अनुसार हरेक 28 दिन पर एक अध्यादेश का हिसाब बनता है। हमें सिर्फ अध्यादेशों की बारंबारता को ही नहीं देखना चाहिए, बल्कि इनके संदर्भ, प्रकृति और समय पर भी गौर करना चाहिए।”
पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोनिया का संदेश पढ़ा।
सोनिया ने संदेश में सवाल किया, “..संसदीय बहसों को दरकिनार कर मोदी सरकार देशहित का काम नहीं कर रही है। इन अध्यादेशों को लेकर इतनी जल्दबाजी करने पर हमें सवाल खड़े करने की जरूरत है। क्या इनके पीछे कोई गुप्त मकसद है?”
कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण विधेयक को नष्ट करने के लिए भी सरकार की आलोचना की।
संदेश में कहा गया, “व्यापक बातचीत और सलाह-मशविरे के बाद भूमि अधिग्रहण विधेयक कानून बना, लेकिन इस सरकार ने इस ऐतिहासिक कानून को प्रभावी रूप से नष्ट कर दिया है और उस कानून को पीछे के रास्ते वापस लाया है, जिसे अंग्रेजों ने 1894 में पारित किया था।”
इसके पहले पार्टी की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाने का मुद्दा इस बार की बैठक में चर्चा के एजेंडे में शामिल नहीं था।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी हमारे उपाध्यक्ष हैं और वह पार्टी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वह संगठन के कई मामलों पर आगे आकर दिशानिर्देश भी दे रहे हैं।”
सोनी ने कहा, “आज (मंगलवार) हमने सिर्फ सांगठनिक मामले से संबंधित एजेंडे पर चर्चा की।”
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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