नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के पूर्व मशहूर धावक और ‘उड़न सिख’ के नाम से विख्यात मिल्खा सिंह ने कहा है कि इंचियोन एशियाई खेलों में महिला मुक्केबाज सरिता देवी ने सेमीफाइनल में विवादास्पद हार के बाद जिस प्रकार पदक वितरण समारोह के दौरान कांस्य पदक लौटाया, वह सही नहीं था।
गेल द्वारा त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ‘फास्टेस्ट इंडियन’ प्रतियोगिता के फाइनल चरण के दौरान मिल्खा सिंह ने पत्रकारों से कहा, “सरिता का विरोध जायज हो सकता है, लेकिन इसे प्रदर्शित करने का उनका तरीका गलत है। इससे देश की गलत छवि पेश होती है। जब पूरी दुनिया की नजरें आप पर है तो इसका ख्याल रखा जाना चाहिए।”
मिल्खा सिंह के अनुसार, खुद सरेआम रिंग में विरोध जताने की बजाए सरिता को एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल के साथ गए अधिकारियों की मदद लेनी चाहिए थी।
गौरतलब है कि बीते वर्ष दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई खेलों में विवादास्पद सेमीफाइनल में हार के बाद सरिता ने पदक लेने से इंकार कर दिया था और रोते हुए उन्होंने इसे दक्षिण कोरिया की अपनी प्रतिद्वंद्वी और रजत पदक विजेता जि ना पार्क को सौंप दिया था। वह जजों के फैसलों से नाराज थीं।
बाद में हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार किया, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने उन्हें सजा के तौर पर एक साल के लिए प्रतिबंधित करने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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