दस्तक अभियान से कुपोषित मासूम पवन, कविता, असमा खातून को मिला नया जीवन

भोपाल : शनिवार, जुलाई 27, 2019

दस्तक अभियान ऐसे माँ-बाप के लिये खुशियों की सौगात लेकर आया है जो अनजाने या किसी अन्य वजह से अपने बच्चे को समय पर उचित इलाज और परवरिश नहीं दे पा रहे हैं। दस्तक दल घर-घर जाकर कुपोषित, अति-कुपोषित, रक्ताल्पता आदि गंभीर बीमारियों वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर मोड़ रहे हैं। ये दल माँ-बाप को बच्चों के अच्छे लालन-पालन के बारे में भी बता रहे हैं।

इंदौर के उमरीखेड़ा में दस्तक दल द्वारा साढ़े नौ माह के पवन में हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम पाये जाने पर उसे पी.सी. सेठी अस्पताल में रक्त चढ़ाया गया। पवन के पैर की जन्मजात विकृति का इलाज कराया जायेगा।

मंदसौर जिले के राजाखेड़ी गाँवकी डेढ़ साल की कविता को मात्र 2 ग्राम हीमोग्लोबिन पाये जाने पर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतामऊ और फिर जिला चिकित्सालय मंदसौर ले जाया गया। हर तीसरे दिन रक्त चढ़ाया गया। इससे कविता का हीमोग्लोबिन 7 ग्रामहो गया और वह स्वस्थ है।

जारी है अति-कुपोषित बच्चों को गोद लेने का सिलसिला

पन्ना जिले में संजीवनी अभियान में अति-कुपोषित बच्चों को गोद लेने का सिलसिला जारी है। आँगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज अतिकुपोषित बच्चों को शासकीय सेवक, जन-प्रतिनिधि और सम्पन्न वर्ग के लोग गोद लेकर उनका उपचार और देखभाल करवा रहे हैं। ऐसी ही एक अति-कुपोषित बच्ची है असमा खातून। पौने दो साल की इस बच्ची का वजन मात्र 7 किलो 200 ग्राम था। समाजसेविका श्रीमती आशा गुप्ता ने इस बच्ची को गोद लेकर पोषण-आहार और इलाज की जिम्मेदारी ली है।

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