आदिवासी नायक टंट्या भील के नाम से जानी जाएगी डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना

भोपाल:

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने धार जिले के विकासखण्ड डही में 1085 करोड़ 20 लाख रुपये लागत की माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह योजना आदिवासी समाज के नायक टंट्या भील के नाम से जानी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सहज, सरल और मेहनतकश है। इस समाज को वर्षों तक छला गया है किन्तु अब ऐसा नहीं होगा। श्री कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी समाज के साथ मिलकर हम सब प्रदेश में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।

समग्र नीतियों से प्रदेश की दशा बदलेगी

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हम विरासत में मिली प्रदेश की बिगड़ी अर्थ-व्यवस्था को सुव्यवस्था में बदलने के लिये कृत-संकल्पित हैं। हम ऐसी नीति बना रहे हैं, जिससे किसानों की दशा सुधरे। किसानों की पिछले कई वर्षों में खत्म हो चुकी क्रय-शक्ति को पुनर्जीवित करने के लिये प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की समग्र नीतियों से प्रदेश की दशा बदलेगी। श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है। इसलिये राज्य सरकार ‘जय किसान फसल ऋण माफी” जैसी योजनाओं के जरिये किसानों की दशा को सुधारने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों का भविष्य उज्जवल बनाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नौजवान ज्ञानवान है। उसके पास इंटरनेट जैसी आधुनिकतम सुविधाएँ हैं लेकिन रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें नौजवानों की इस पीड़ा को पहचानना होगा, उनके हाथों को काम देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नौजवानों का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये सभी तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौजवान देश का भविष्य हैं, इसलिये हम इनके भविष्य को बर्बाद नहीं होने देंगे।

कमल नाथ जी का आदिवासी समाज के प्रति विशेष लगाव

पर्यटन एवं नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का आदिवासी समाज के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुझे नर्मदा घाटी विकास विभाग का दायित्व सौंपते समय साफ-साफ कहा था कि नर्मदा मैया का जल सबसे पहले आदिवासी अंचल में पहुँचना चाहिये। श्री बघेल ने कहा कि डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से आज यह संभव होना सुनिश्चित हुआ है। कार्यक्रम को धार जिले की प्रभारी चिकित्सा शिक्षा, आयुष और संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के साथ लगभग एक करोड़ 33 लाख रुपये लागत के क्षेत्रीय विकास के कार्यों की भी आधार-शिला रखी। इस अवसर पर विधायक श्री पांचीलाल मेढ़ा, श्री प्रताप ग्रेवाल, श्री बालमुकुंद गौतम, श्री महेश पटेल, श्री मुकेश पटेल, सुश्री कलावती भूरिया,
श्री हीरालाल अलावा, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

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