पणजी, 24 जनवरी (आईएएनएस)। गोवा तट से लगे समुद्र में स्थित विवादास्पद जुआ घर पणजी विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव में मुख्य मुद्दा हो सकता है। राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पिछले वर्ष देश का रक्षा मंत्री बनने के बाद पणजी सीट खाली हो गई है।
पणजी, 24 जनवरी (आईएएनएस)। गोवा तट से लगे समुद्र में स्थित विवादास्पद जुआ घर पणजी विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव में मुख्य मुद्दा हो सकता है। राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पिछले वर्ष देश का रक्षा मंत्री बनने के बाद पणजी सीट खाली हो गई है।
चुनाव में तीन सप्ताह बचे हैं। ऐसे में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। दोनों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में जुआ घर बढ़ाने के आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लुजिन्हो फलेरिओ ने गोवा तट से लगे समुद्र क्षेत्र को जुआ घरों से मुक्त कराने में भाजपा की विफलता चुनाव का महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है।
फलेरिओ ने आईएएनएस से कहा, “आप सभी को भाजपा के चुनाव 2012 के घोषणा पत्र पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने वादा किया था कि जुआ घरों को गहरे समुद्र में फिकवा देंगे। उसके बाद स्थिति में बदलाव लाने के लिए क्या किया गया? और यहां तक कि मंडोवी नदी पर एक अतिरिक्त जुआ घर को अनुमति दी गई।”
गोवा के समुद्र में पांच जुआ घर हैं, जहां खेलने के लिए सैकड़ों से हजारों जुआरी राज्य में जुटते हैं।
अधिकांश जुआ घर कांग्रेस के 2007-12 के कार्यकाल में खोले गए थे।
2012 के चुनाव से पहले भाजपा ने वादा किया था कि यदि उसे सत्ता में आने के लिए मत मिलता है तो उनकी सरकार जुआ घरों पर शिकंजा कसेगी। चुनाव बाद पर्रिकर के मुख्यमंत्री बनने के बाद और फिर उनके उत्तराधिकारी लक्ष्मी परसेकर ने जुआघर प्रमोटरों द्वारा गोवा में बड़े पैमाने पर निवेश करने की दलील देते हुए समुद्र में स्थित जुआ घरों को कामकाज की अनुमति दी। परसेकर सरकार अब इन जुआ घरों के लाइसेंस नवीनीकरण पर विचार कर रही है।
टिप्पणी के लिए संपर्क करने पर शनिवार को परसेकर ने कहा कि कांग्रेस की जुआ घरों पर रणनीति उसके लिए उल्टा साबित होगी।
उन्होंने कहा, “जुआ घरों को हम बुलाकर नहीं लाए। हम जगह मिलेगी तो जुआ घरों को स्थानांतरित करेंगे। जुआ घरों का मुद्दा कांग्रेस के लिए महंगा साबित हो सकता है।”
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