नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए अपनी जिस ‘चाय पे चर्चा’ मुहिम के माध्यम से मतदाताओं से तारतम्य बिठाया, वही कोशिश वह रविवार को भारत यात्रा पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ वार्ता के दौरान करते दिखे। चर्चा के दौरान चाय पिलाने के लिए ओबामा ने मोदी को धन्यवाद दिया।
मध्याह्न भोजन के बाद दोनों नेता चहलकदमी करते हुए हैदराबाद हाउस स्थित बाग में पहुंचे।
दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के दोनों नेता पूरी तरह ऊर्जान्वित दिखे, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि मोदी के वाशिंगटन दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों में और गरमाहट आई है।
इसके बाद दोनों बाग में ही एक सोफे पर बैठ गए। इस दौरान मोदी ने ओबामा के हाथ चाय का प्याला पकड़ाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों के बीच बातचीत का जो तारतम्य था, वह बिल्कुल बना रहा।
बाग से उठकर हैदराबाद हाउस के अंदर जाने तक दोनों नेताओं ने लगभग 10 मिनट तक बेहद सौहार्द्रपूर्वक बातचीत की। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस तरह का तारतम्य देखकर इस बात का अहसास होता है कि भारत-अमेरिका के बीच रिश्तों में आई गरमाहट दूर तक जाएगी।
इन घटनाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि यह बातचीत साल 2008 से लटके असैन्य परमाणु समझौते को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान ओबामा ने चाय पे चर्चा का हवाला दिया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी चाय पे चर्चा की राजनीतिक मुहिम से दशक से केंद्र की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को चुनाव में करारी शिकस्त दी थी। साल 2014 में अप्रैल-मई के बीच लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को जोड़ने के लिए मोदी द्वार प्रयोग में लाई गई चाय पे चर्चा मुहिम ने बेहद सुर्खियां बटोरी थी।
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