पतंजलि ने 67 अखबारों में छपवाया माफीनामा

नई दिल्ली- भ्रामक विज्ञापन केस में योगगुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। रामदेव-बालकृष्ण को एक बार फिर माफी मांगनी पड़ी है। यह चौथी बार है जब उन्होंने कोर्ट से माफी मांगी है। इतना ही नहीं पतंजलि ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हमने 67 अखबारों में माफीनामा पब्लिश कराया है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस हिमा कोहली ने कहा कि आपके विज्ञापन जैसे रहते थे, इस ऐड का भी साइज वही था? कृपया इन विज्ञापनों की कटिंग ले लें और हमें भेज दें। इन्हें बड़ा करने की जरूरत नहीं है। हम इसका वास्तविक साइज देखना चाहते हैं। ये हमारा निर्देश है। जस्टिस कोहली ने कहा कि जब आप कोई विज्ञापन प्रकाशित करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि हम उसे माइक्रोस्कोप से देखेंगे। सिर्फ पन्ने पर न हो पढ़ा भी जाना चाहिए।

सर्वोच्च अदालत ने रामदेव और बालकृष्ण को निर्देश दिया कि अगले दो दिन में वे ऑन रिकॉर्ड माफीनामा जारी करें, जिसमें लिखा हो कि उन्होंने गलती की। यानी सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव के माफीनामे को एक बार फिर से स्वीकार नहीं किया और कहा कि मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को होगी और अगली सुनवाई में रामदेव और बालकृष्ण को फिर से पेश भी होना पड़ेगा।

बता दें कि पतंजलि आयुर्वेद ने सोमवार (22 अप्रैल) को कुछ न्यूज पेपर्स में माफीनामा प्रकाशित किया है। इसमें कहा कि पतंजलि आयुर्वेद सुप्रीम कोर्ट का पूरा सम्मान करता है। सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकीलों ने हलफनामा पेश किया, उसके बाद हमने विज्ञापन प्रकाशित किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हम इसके लिए माफी मांगते हैं। भविष्य में कभी ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे।

जब इस मामले की मंगलवार को सुनवाई हो रही थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आखिर कल माफीनामा दाखिल क्यों किया गया है, यह तो पहले ही कर दिया जाना चाहिए था। इस पर पतंजलि की ओर से पेश हुए सीनियर वकील मुकुल रोहतगी की तरफ से कहा गया कि हमने 67 अखबारों में हमने माफीनामा दिया है। इस पर हमने 10 लाख रुपए खर्च किए हैं। इसपर अदालत ने पूछा क्या आप हमेशा इतने साइज का ही विज्ञापन देते है? जब पतंजलि के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कंपनी ने विज्ञापन पर लाखों खर्च किए हैं।

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