नई दिल्ली:DMRC द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक पुरुष यात्रियों पर जुर्माना मई 2025 में लगाया गया, जब कुल 443 लोग महिला कोच में पकड़े गए. इसके अलावा, अप्रैल में 419 और सितंबर में 397 पुरुष यात्रियों को भी इसी गलती के लिए दंडित किया गया. मेट्रो के हर स्टेशन और कोच में उद्घोषणा के जरिए लगातार यह बताया जाता है कि महिला कोच में पुरुषों का प्रवेश निषेध है, फिर भी कुछ लोग इस नियम का पालन करना सही नहीं समझते हैं.
दिल्ली मेट्रो का ये नियम है कि ट्रेन का पहला कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होता है, जहां पुरुषों का जाना वर्जित है. CISF और फ्लाइंग स्क्वायड की टीमें ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखती हैं. जैसे ही कोई पुरुष यात्री महिला कोच में पाया जाता है, उस पर तत्काल 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है और उसे कोच से बाहर किया जाता है. इस तरह की कार्रवाई से साफ संकेत जाता है कि मेट्रो में अनुशासन और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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