भोपाल- माता- पिता अपने बच्चों की प्राथमिक शिक्षा के लिए बेहतर स्कूल का चुनाव करते हैं। इनमें वे एक ऐसा विद्यायल ढूंढते है जहां से बच्चे पढ़ाई के साथ ही अन्य गतिविधियों में भी शामिल हो सके और उनका बेहतर विकास हो। इनमें अभिभावक की तरफ से प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन को अधिक प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन, मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है। दरअसल, यह आदेश लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने जारी किया।
जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द करने का कारण है भूमि के दस्तावेज न होना। वहीं कुछ स्कूल ऐसे थे जो सिर्फ कागजों पर चल रहे थे। जमीन स्तर पर धांधली कर रहे थे। इसकी एक सूची तैयार की गई। जिनमें पर्याप्त जमीन की रजिस्ट्री की कमी वाले स्कूलों को चिन्हित किया गया था।इसका असर शहर के कई निजी विद्यालयों पर पड़ा है। इससे स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया।
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