नई दिल्ली-भारत ने एक बार फिर से ये साबित कर दिया है कि वह मानवीय दृष्टिकोण से जिम्मेदारी निभाने में पीछे नहीं हटता. दरअसल, भारत ने पाकिस्तान को तवी नदी (Tawi River) में ‘भीषण बाढ़’ की जानकारी राजनयिक माध्यमों से दी, जबकि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सिंधु जल संधि (IWT) स्थगित है. एक सूत्र ने बताया, ‘मानवीय आधार पर बाढ़ की जानकारी साझा करने का फैसला लिया गया. सिंधु जल संधि (IWT) अभी स्थगित है, इसलिए यह जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए पाकिस्तान को भेजी गई.’
सूत्रों के अनुसार, जल शक्ति मंत्रालय ने रविवार (24 अगस्त) को यह जानकारी विदेश मंत्रालय को दी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने इसे इस्लामाबाद पहुंचाया. सिंधु जल संधि के तहत बाढ़ से जुड़ा डेटा आमतौर पर सिंधु जल आयुक्तों के माध्यम से साझा किया जाता है. सिंधु जल संधि (IWT) पर 19 सितंबर, 1960 को हस्ताक्षर किए गए थे. यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार नौ साल की बातचीत के बाद बनी थी. इस संधि में कुल 12 अनुच्छेद (Articles) और 8 परिशिष्ट (Annexures A से H तक) शामिल हैं.
संधि के प्रावधानों के अनुसार, पूर्वी नदियों सतलुज, ब्यास और रावी का पूरा पानी भारत के ‘असीमित उपयोग’ के लिए उपलब्ध रहेगा. वहीं, पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चेनाब का पानी पाकिस्तान को मिलेगा. इस साल अप्रैल में, पहलागाम आतंकी हमले के बाद भारत ने IWT (सिंधु जल संधि) को स्थगित रखने का निर्णय लिया था. इस हमले में आतंकियों ने कम से कम 26 लोगों की हत्या कर दी थी और 10 लोग घायल हुए थे.
dharmpath.com dharmpath