नई दिल्ली- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट था। बजट में रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, एनीमेशन-गेमिंग सेक्टर और राज्यों के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए। खास तौर पर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इनका सीधा असर शिक्षा, महिलाओं, आदिवासी क्षेत्रों और शहरी ढांचे पर पड़ेगा।
सबसे अहम घोषणा मध्यप्रदेश में छात्राओं के लिए बड़े पैमाने पर गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर की गई है। राज्य के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग, साइंस कॉलेज और विश्वविद्यालय तो हैं लेकिन छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास की लंबे समय से कमी रही है। आदिवासी बहुल इलाकों जैसे आलीराजपुर, धार, झाबुआ, बैतूल, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी से आने वाली कई छात्राएं इसी वजह से पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर होती थीं। बजट की नई घोषणा के तहत अब मध्यप्रदेश के 55 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे जिससे खासकर आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शहरी विकास को लेकर भी बजट में बड़ा प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे। जिसे साल 2026-27 में बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। इस योजना से मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर के साथ-साथ ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे शहरों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन शहरों में आधारभूत ढांचे, ट्रांसपोर्ट, आवास और शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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