उप्र:ऑटो-टैक्सी वालों के 75% तक टैक्स माफ

लखनऊ-उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में टैक्सी, ऑटो-रिक्शा (तिपहिया) और मालवाहक वाहनों के लिए टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. यह नई व्यवस्था परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, साथ ही पुराने वाहन मालिकों को राहत देना और नियम उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाना है. यह बदलाव मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान संशोधन के तहत किया गया है, और फरवरी 2026 के आसपास यह पूरी तरह प्रभावी हो गया है.नए नियमों के तहत नए वाहनों के लिए टैक्स दरें स्पष्ट और निश्चित रूप से तय की गई हैं. ये दरें वाहन के प्रकार, क्षमता और उपयोग के आधार पर प्रतिशत के रूप में लागू होती हैं. समझिए किस तरह के वाहन पर कितना टैक्स.

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में टैक्सी, ऑटो-रिक्शा (तिपहिया) और मालवाहक वाहनों के लिए टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. यह नई व्यवस्था परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, साथ ही पुराने वाहन मालिकों को राहत देना और नियम उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाना है. यह बदलाव मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान संशोधन के तहत किया गया है, और फरवरी 2026 के आसपास यह पूरी तरह प्रभावी हो गया है.नए नियमों के तहत नए वाहनों के लिए टैक्स दरें स्पष्ट और निश्चित रूप से तय की गई हैं. ये दरें वाहन के प्रकार, क्षमता और उपयोग के आधार पर प्रतिशत के रूप में लागू होती हैं. समझिए किस तरह के वाहन पर कितना टैक्स.

माल वाहन (3000 किलोग्राम तक की क्षमता वाले): 3% टैक्स.
माल वाहन (3000 से 7500 किलोग्राम तक): 6% टैक्स.
निर्माण उपकरण या विशेष प्रयोजन वाले वाहन: 6% टैक्स.

ये दरें वाहन की लागत या क्षमता पर आधारित हैं, जिससे टैक्स की गणना आसान हो गई है. नए वाहनों के मालिकों को अब पहले की तरह जटिल गणना या बार-बार भुगतान की झंझट नहीं झेलनी पड़ेगी.पुराने वाहनों के मालिकों के लिए सबसे बड़ी राहत है. सरकार ने पुराने वाहनों को अधिकतम 75 प्रतिशत तक छूट देने का प्रावधान किया है.

यह छूट वाहन की उम्र के आधार पर दी जाती है, जहां प्रत्येक वर्ष के लिए एक निश्चित प्रतिशत (लगभग 8% प्रति वर्ष) की छूट मिलती है, लेकिन कुल मिलाकर यह 75% से अधिक नहीं होगी. इससे पुराने ऑटो, टैक्सी और छोटे मालवाहक वाहनों के मालिकों को काफी वित्तीय लाभ होगा, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय से इन वाहनों का संचालन कर रहे हैं. यह कदम छोटे व्यवसायियों, ड्राइवरों और परिवहन से जुड़े लोगों की मदद करने के लिए उठाया गया है, ताकि वे नए नियमों के बोझ तले न दबें.

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493