स्ट्रेट ऑफ होर्मुज-मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा की जीवनरेखा माना जाता है, एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के मैदान में तब्दील होता नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटों के घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.जहां कुछ समय पहले इस समुद्री मार्ग के पूरी तरह खुलने की उम्मीद जगी थी, वहीं अब यहां तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले शुरू हो चुके हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है.
हाल ही में ईरान ने अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के बीच एक सकारात्मक कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का ऐलान किया था. इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई और इस क्षेत्र में फंसे दर्जनों जहाजों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन यह शांति अल्पकालिक सिद्ध हुई.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ट्रंप के बयान के तुरंत बाद होर्मुज को फिर से ब्लॉक करने की घोषणा कर दी. IRGC ने चेतावनी दी कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को दुश्मन का सहयोगी माना जाएगा. इस तनाव की सबसे बड़ी आंच भारत पर आई, जब शनिवार को ईरान की गनबोट्स ने दो भारतीय व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग कर दी.
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