नई दिल्ली-सुप्रीम कोर्ट में आज पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को तैनात करने के निर्वाचन आयोग के निर्देश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल को झटका देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का परिपत्र नियमों के विरुद्ध नहीं है.सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है.
पश्चिम बंगाल चुनावों की मतगणना प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले में टीएमसी को झटका लगा है. याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग के उस सर्कुलर का पूरी तरह से पालन किया जाएगा जिसमें राज्य सरकार के एक प्रतिनिधि को भी शामिल करने का प्रावधान है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसी किसी आदेश की जरूरत नहीं है. 13 अप्रैल 2026 का सर्कुलर पूरी तरह से लागू किया जाएगा.
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की एक विशेष पीठ ने यह आदेश पारित किया. यह पीठ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतगणना पर्यवेक्षक और सहायक के तौर पर केंद्र सरकार और केंद्रीय PSU कर्मचारियों की नियुक्ति के खिलाफ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इस पीठ का गठन तत्काल सुनवाई के लिए किया गया था. चुनावों की मतगणना सोमवार, 4 मई को सुबह 8 बजे शुरू होगी.
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