देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 इस बार 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी. करीब 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों का कठिन सफर तय करते हैं.
यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन पारंपरिक छड़ी मुबारक के पवित्र गुफा पहुंचने के साथ होगा. अगर आप पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन से लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट और यात्रा मार्ग तक की जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है.
श्रद्धालुओं के पास यात्रा के लिए दो प्रमुख रास्ते उपलब्ध हैं. पहला बालटाल मार्ग है, जिसकी लंबाई लगभग 14 किलोमीटर है. ये दूरी कम होने के बावजूद काफी खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता माना जाता है और ज्यादातर यात्री इसे दो से तीन दिनों में पूरा कर लेते हैं.
दूसरा पहलगाम मार्ग है, जो करीब 46 से 48 किलोमीटर लंबा है. ये रास्ता अपेक्षाकृत लंबा जरूर है, लेकिन चढ़ाई धीरे-धीरे होने के कारण कई श्रद्धालु इसे अधिक सुविधाजनक मानते हैं. इस मार्ग को पूरा करने में लगभग चार से पांच दिन लगते हैं.
यात्रा में शामिल होने के लिए पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी है. इसके लिए श्रद्धालुओं को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अकाउंट बनाना होगा.
रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Compulsory Health Certificate) अपलोड करना होगा. इसके बाद यात्रा की तारीख और मार्ग चुनकर 150 रुपये का शुल्क जमा करने पर यात्रा कार्ड (Yatra Card) जारी किया जाएगा.
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