नई दिल्ली– भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार, 31 जुलाई को ‘समुद्र मंथन’ (नेशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन स्कीम) को मंजूरी दे दी है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू करने के लिए 84,084 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है. मंत्रालय का कहना है कि यह योजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के जरिए भारत के समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस के भंडारों को खोजा जाएगा और बाद में वहां से इनका उत्पादन किया जाएगा. भारत सरकार का अनुमान है कि इस योजना के जरिए 60 करोड़ मीट्रिक टन के बराबर के नए तेल और गैस भंडार खोजे जा सकेंगे. इस योजना में नई तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया गया है.
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