नई दिल्ली-संसद का मानसून सत्र अब अंतिम दौर में पहुंच गया है और सिर्फ चार कामकाजी दिन बाकी हैं. विपक्ष के लगातार विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है. NEET विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. इसी गतिरोध के बीच महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA से जुड़े अहम विधेयकों को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट नहीं है. सरकार इन मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सभी दल एक राय में नहीं हैं. कुछ सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण और परिसीमन के प्रस्तावों का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों की आपत्तियां बनी हुई हैं. ऐसे में सत्र के बचे दिनों में सरकार के सामने विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती है.
सरकार की कोशिशों के बावजूद महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर राजनीतिक सहमति बनना आसान नजर नहीं आ रहा. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल परिसीमन के प्रस्ताव को लेकर सवाल उठा रहे हैं. FCRA Amendment Bill को लेकर भी कांग्रेस ने विरोध का रुख कायम रखा है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत के बावजूद गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. सरकार के लिए संवैधानिक संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर आवश्यक समर्थन जुटाना भी चुनौती है. ऐसे में अंतिम चार दिनों में सदन की कार्यवाही किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर है. संसद में अगर सहमति नहीं बनती तो कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव आगे खिसक सकते हैं. वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार को पहले उन मुद्दों पर चर्चा करानी चाहिए जिनको लेकर छात्र और अन्य समूह विरोध कर रहे हैं.
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