महाराष्ट्र:मराठी नहीं आती तोनहीं मिलेगा लाइसेंस

मुंबई -महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में रोजगार की तलाश में पहुंचे दूसरे राज्य के लोगों के सामने भाषा का नया संकट सामने आ गया है. यहां रोजगार के लिए पहुंचे लोग ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चलाते हैं, जिन्हें मराठी भाषा नहीं आती लेकिन हिंदी के सहारे उनका काम चलता आ रहा था. लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार के नए फैसले से उनकी मुश्किल बढ़ने वाली है अब महाराष्ट्र में कमर्शियल सवारी वाहन चलाने के लिए मराठी जानना जरूरी हो गया है. अगर मराठी नहीं आती है तो उनका लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) हो जाएगा, नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर यह रद्द हो जाएगा. सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और राज्य में ये नए नियम 18 अगस्त 2026 (मंगलवार) से लागू हो रहे हैं.

राज्य परिवहन विभाग ने बुधवार को महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम, 1989 में संशोधन किया है. इसके मुताबिक, जो मराठी भाषा की अहर्ता पूरी नहीं करता, उसके खिलाफ एक्शन का अधिकार देता है. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस नए नियम के लागू होने पर कहा कि यात्रियों के साथ बेहतर बातचीत के लिए यात्री परिवहन वाहनों (ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब) के ड्राइवरों को मराठी भाषा की कामकाजी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मराठी भाषा की जानकारी न होने पर ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने तक के लिए सस्पेंड किया जा सकता है और बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द भी किया जा सकता है.’

मंत्री ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को इस कानून को और बेहतर ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं. सरनाइक ने कहा, ‘इन बदलावों से नियमों में मौजूद अस्पष्टता दूर होगी.’ उन्होंने कहा, ‘यात्रियों से बातचीत करने, उनकी चिंताओं को समझने और सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान जरूरी है.’

सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में कई अहम बदलाव किए गए हैं. इन संशोधनों में खास तौर पर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-बेस्ड मोटर कैब के ड्राइवरों और परमिट होल्डर्स के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा की जानकारी होना जरूरी बनाया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4(4) के तहत, ‘एंटीसिडेंट्स’ (पिछला रिकॉर्ड) शब्द के बाद ‘और मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान’ शब्द जोड़े गए हैं. इसका मतलब है कि संबंधित ऑथराइजेशन के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास तय योग्यताओं के अलावा मराठी भाषा का कामकाजी और व्यावहारिक ज्ञान भी होना चाहिए.

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