नयी दिल्ली-भारत में चीनी के दाम पिछले कुछ महीनों से तेज़ी से बढ़ रहे हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, केवल इसी महीने भारत में चीनी की क़ीमतों में 20 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 अगस्त को खुदरा बाज़ार में चीनी की क़ीमत 55.7 रुपए प्रति किलोग्राम थी.
इसी रिपोर्ट के मुताबिक़, एक महीने पहले चीनी की क़ीमत 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम थी. 20 अगस्त, 2025 को इसकी क़ीमत 46.3 रुपए प्रति किलोग्राम थी.
बाज़ार के जानकारों का कहना है कि चीनी के दाम इससे पहले कभी इतने ऊंचे नहीं गए. उनका कहना है कि अल नीनो के प्रभाव से मॉनसून कमज़ोर रहा और इससे भी चीनी की क़ीमतें प्रभावित हुई हैं.
जन्माष्टमी से शुरू होने वाला त्योहारों का मौसम क़रीब आ रहा है. ऐसे में चीनी की बढ़ती क़ीमतों पर क़ाबू पाने के लिए सरकार ने चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है. साथ ही, थोक व्यापारियों के पास चीनी का कितना स्टॉक हो सकता है, इस पर स्टॉक लिमिट भी लगा दी गई है.
दुनिया में चीनी उत्पादन के मामले में ब्राज़ील के बाद भारत दूसरे नंबर पर है. भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश में गन्ने के रस से चीनी बनाने वाली कुल 703 मिलें हैं. इनमें 335 प्राइवेट, 325 सहकारी और 43 सरकारी चीनी मिलें हैं.
भारत में चीनी का उत्पादन वर्ष अक्तूबर से शुरू होकर अगले साल सितंबर में समाप्त होता है. चीनी मिलों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष केतन पटेल का कहना है कि 2025-26 के चीनी वर्ष में देश में चीनी उत्पादन 3.2 करोड़ टन (32 अरब किलोग्राम) रहने का अनुमान था, लेकिन वास्तव में यह क़रीब 3 करोड़ टन (30 अरब किलोग्राम) ही रहा.
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