तेहरान-ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और तेहरान अभी भी बातचीत के जरिए समाधान के लिए तैयार है.ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मंगलवार, 1 सितंबर को कहा कि ईरान अमेरिका के साथ जून में हुए युद्धविराम समझौते का पालन करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका भी ऐसा ही करे. ईरानी राष्ट्रपति ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर यह बात कही. उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका समझौता ज्ञापन में जताई गईं प्रतिबद्धताओं पर लौटता है तो ईरान भी बदले में तुरंत ऐसा करेगा.”
जून में हुए समझौते में दोनों देशों के बीच तत्काल युद्धविराम की बात कही गई थी और व्यापक शांति समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों का वक्त दिया गया था. इस समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने और जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हुआ था. वहीं, अमेरिका ने कहा था कि वह अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा, प्रतिबंधों को वापस लेगा और ईरानी तेल के निर्यात के लिए छूट देगा.
यह समझौता जल्दी ही टूट गया और दोनों देशों के बीच लड़ाई फिर शुरू हो गई. 30 अगस्त को भी दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए थे. अब ईरानी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि वे लड़ाई रोकना चाहते हैं. उन्होंने सोमवार को भी कहा था कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और तेहरान अभी भी बातचीत के जरिए समाधान के लिए तैयार है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमलों के साथ शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है.
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