निर्देशकों ने ‘गुमनाम’ अशरफुल को याद किया

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। मुंबई के कई अन्य प्रतिभाशाली अभिनेताओं की तरह ही चरित्र अभिनेता अशरफुल हक को कभी उनके नाम से याद नहीं रखा जा सका, लेकिन अब दुनिया छोड़ जाने के बाद उन्हें उनके नाम से पहचान मिल रही है। अशरफउल के साथ काम कर चुके कुछ निर्देशकों ने उन्हें याद किया।

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। मुंबई के कई अन्य प्रतिभाशाली अभिनेताओं की तरह ही चरित्र अभिनेता अशरफुल हक को कभी उनके नाम से याद नहीं रखा जा सका, लेकिन अब दुनिया छोड़ जाने के बाद उन्हें उनके नाम से पहचान मिल रही है। अशरफउल के साथ काम कर चुके कुछ निर्देशकों ने उन्हें याद किया।

अशरफुल हक का 45 वर्ष की उम्र में मंगलवार रात निधन हो गया। उन्हें मृग लांबा की ‘फुकरे’, अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, अनंत महादेवन की ‘रेड अलर्ट : द वार विदिन’, अभिनय देव की ‘देल्ही बेली’ और तिग्मांशु धूलिया की ‘पान सिंह तोमर’ जैसी फिल्मों में उनकी अर्थपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।

इन सभी ने अशरफुल के आकस्मिक निधन पर शोक जताया।

-अनंत महादेवन : अशरफुल ने मेरी ‘रेड अलर्ट..’ फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैंने उन्हें एक नजर देखा और मुझे पता चल गया कि वह वास्तविक जीवन की कहानी को पर्दे पर जिंदा कर देंगे। वह काफी अनुभवी थे..अशरफ शुरू से लेकर अंतिम सांस तक एक अभिनेता रहे। वह बॉलीवुड के आडंबर से अछूते रहे। एकदम प्राकृतिक। एक होनहार करियर को इतनी जल्दी अस्त होते देखना दुखद है।

-मृग लांबा : मेरी उनसे मुलाकात कास्टिंग एजेंट के जरिए हुई थी। एक नजर देखते है, मुझे पता चल गया कि वह ‘स्मैकिया’ (किरदार का नाम) की भूमिका के लिए एकदम वाजिब हैं..मुझे उनके निधन पर खेद है। यह हमारे सिनेमा की क्षति है। उन जैसे अभिनेता दुर्लभ होते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई प्रतिभाशाली कलाकारों की तरह ही उन्हें भी कभी मुंबई में उचित मुकाम नहीं मिला।

-अभिनय देव : वह बहुत पेशेवर और बेहद यथार्थवादी थे..वह बहुत जल्दी समझ जाते कि मुझे क्या चाहिए। स्वयं को भूमिका में डुबो लेते और जिस तरह की प्रस्तुति उन्होंने दी, वह त्रुटिहीन थी। मुझे कतई नहीं मालूम था कि वह इतने बीमार हैं। फिल्मोद्योग से जुड़े किसी व्यक्ति को खोना बहुत दुखद है और वह भी किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके साथ काम करने में मुझे इतना मजा आया।

-तिग्मांशु धूलिया : मैं अशरफुल के निधन की खबर सुनकर बहुत-बहुत दुखी हूं। वह असम से थे। शूटिंग के दौरान हम असम की राजनीति के बारे में चर्चा करते थे। वह बहुत अच्छे अभिनेता थे। मैं उन्हें हमेशा एक ऐसे अभिनेता के रूप में याद करूंगा, जो आगे बढ़ना चाहता था। अलविदा मेरे दोस्त। आपकी कमी खलेगी।

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