कार्तिकेयन को हजारों ने दी अंतिम विदाई

तिरुवनंतपुरम, 8 मार्च (आईएएनएस)। केरल विधानसभा के अध्यक्ष जी.कार्तिकेयन को विभिन्न स्थानों से पहुंचे हजारों लोगों ने अंतिम विदाई दी। कार्तिकेयन का शनिवार को बेंगलुरू के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 66 साल के थे। अस्पताल में उनके लीवर से संबंधित कैंसर का इलाज चल रहा था।

बेंगलुरू से उनका पार्थिव शरीर शनिवार को यहां उनके आधिकारिक आवास लाया गया। रात से ही यहां विभिन्न स्थानों से लोग पहुंचने लगे थे। सुबह तक हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विधानसभा के लाउंज में दर्शनार्थ रखा गया। कार्तिकेयन केरल विधानसभा के पहले अध्यक्ष हैं जिनका पद पर रहते हुए निधन हो गया।

13वीं विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है और बजट 13 मार्च को पेश किया जाएगा।

विपक्ष के नेता वी.एस. अच्युतानंदन, विभिन्न दलों के नेता और विधानसभा के कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पिक की। इसके बाद पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय ले जाया गया। यहां से राज्य सचिवालय दरबार हॉल में पार्थिव शरीर को रखा गया जहां राज्यपाल पी. सतशिवम ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास लाया और फिर अंत्येष्टि के लिए शवदाह गृह ले जाया गया।

मुख्यमंत्री ओमन चांडी एवं अन्य मंत्री, कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी, एम. वीरप्पा मोइली, मुकुल वासनिक, वामपंथी नेता वी.एस. अच्युतानंदन एवं राजनीतिक दलों के नेता अंतिम संस्कार के अवसर पर मौजूद थे।

राजनीति में आने से पहले कॉलेज प्राध्यापक रह चुके कार्तिकेयन छह बार विधायक निर्वाचित हुए थे। वह दो बार मंत्री भी रह चुके थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।

मृदुभाषी और सरल स्वभाव के कार्तिकेयन का कद पार्टी में केरल छात्र संघ और युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनकर ऊंचा हुआ था।

दिवंगत मुख्यमंत्री के.करुणाकरन के विश्वासपात्र रहे कार्तिकेयन 1978 में उनके साथ तब खड़े थे, जब ए.के.एंटनी, ओमन चांडी और एम.वी. सुधीरन ने पार्टी छोड़ दी थी।

लेकिन कुछ सालों बाद कार्तिकेयन ने करुणाकरण का साथ छोड़ कर चेन्निथला के साथ पार्टी गठित की थी, जो कि कांग्रेस का तीसरा धड़ा माना जाता है।

वह पिछले साल के मध्य में बीमार हो गए थे और उनके लीवर कैंसर का उपचार चल रहा था। पिछले अक्टूबर में अमेरिका के मायो क्लिनिक में उनका उपचार किया गया था।

पिछले महीने उनकी सेहत बिगड़ने लगी थी और उन्हें बेंगलुरू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह पिछले कुछ दिनों से जिंदगी व मौत से जूझ रहे थे।

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