नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। सरकारी कंपनी, भारत इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने सोमवार को कहा कि उसने बिहार में एनटीपीसी की बिजली परियोजना के लिए 660 मेगावाट की दूसरी इकाई पूर्ण कर ली है, जिससे परियोजना की कुल क्षमता 1,320 मेगवाट हो गई है।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “भेल ने बिहार में एनटीपीसी लिमिटेड के बाढ़ सुपरक्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट (टीपीपी) चरण-2 में 660 मेगावाट की दूसरी इकाई तैयार कर दी है।”
परियोजना के प्रमुख उपकरण कंपनी की हरिद्वार, त्रिचि, हैदराबाद और बेंगलुरू इकाइयों में तैयार किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि भेल ने एनटीपीसी और इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (आईजीसीएआर) के साथ मिलकर एडवांस्ट अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल (एयूएससी) का देश में ही निर्माण शुरू किया है, जिससे कोयला खपत और कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में करीब 11 फीसदी कमी आएगी।
परियोजना की पहली इकाई नवंबर 2014 में पूरी हुई थी, जिसकी उत्पादन क्षमता 660 मेगावाट ही थी।
भेल अभी सुपरक्रिटिकल बॉयलरों के 36 सेटों और सुपरक्रिटिकल टर्बाइन जनरेटरों के 31 सेटों के ठेके पर काम कर रही है।
बयान के मुताबिक ये ठेके केंद्र और राज्य सरकारों तथा निजी कंपनियों से मिले हैं।
भेल के मुताबिक सुपरक्रिटिकल इकाई अधिक सक्षम होती है, कोयला का कम खपत करती है और यह पर्यावरण के अधिक अनुकूल होती है।
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