लंदन, 28 मार्च (आईएएनएस)। पेशेवर संगीतज्ञों के धुन बजाने से सीखने और याददाश्त को संचालित करने वाले जीन के क्रियाकलाप में वृद्धि हो सकती है।
यह जानकारी एक नए अध्ययन से सामने आई है।
यूनिवर्सिटी ऑफ हेलेसिंकी की मुख्य शोधार्थी इरमा जर्वेला ने कहा, “अध्ययन ने संगीत के बोध, विकास और संगीत थेरेपी के सूक्ष्मतम अध्ययन का मूल्यवान आधार उपलब्ध कराया है।”
धुन बजाने से इंसान के मस्तिष्क में संरचनात्मक और क्रियात्मक बदलाव होता है और यह परोक्ष ज्ञान में भी वृद्धि करता है। संगीत से जुड़ी सूक्ष्म प्रक्रिया पर अब तक हालांकि ध्यान नहीं दिया गया है।
शोधकर्ताओं ने पेशेवर ऑर्केस्ट्रा टैपिओला सिनफोनिटा और संगीत विश्वविद्यालय सिबेलियस-एकेडमी के पेशेवर संगीतज्ञों के जीन पर संगीत प्रस्तुति के प्रभाव का अध्ययन किया।
इस अध्ययन से यह बात सामने आई कि धुन बजाने से सीखने तथा याद करने संबंधी जीन की गतिविधियों में वृद्धि होती है।
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