श्रीनगर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग भूस्खलन की वजह से शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा, जिसके कारण 300 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर अब भी सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं।
यातायात विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “रामबन जिले के नगरकोट और बैट्री चश्मा इलाकों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के चलते श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग आज (शुक्रवार) भी बंद रहेगा।”
अधिकारी ने कहा, “रास्ता साफ करने का काम जारी होने की वजह से आज किसी भी वाहन को राजमार्ग से निकलने की इजाजत नहीं होगी।”
बारिश के बाद हुए भूस्खलन की वजह से राजमार्ग पर ट्रक, सार्वजनिक एवं यात्रा वाहन और निजी वाहनों सहित 1,500 से ज्यादा वाहन फंसे हुए हैं।
रातभर हुई बारिश के चलते घाटी में नदियों, झीलों और पहाड़ी नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। हालांकि, राज्य में झेलम नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, “आज (शुक्रवार) संगम (अनंतनाग) में झेलम का जलस्तर 13.7 फुट, राम मुंशीबाग (श्रीनगर) में 15.6 फुट और अशम (बांदीपुरा) में 11.3 फुट है। झेलम खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है।”
जम्मू एवं कश्मीर के कैबिनेट मंत्री नईम अख्तर ने श्रीनगर में आईएएनएस को बताया, “राज्य में कहीं भी बाढ़ का खतरा नहीं है।”
उन्होंने कहा, “सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं..मैं यहां आने वाले पर्यटकों और हमारे मेहमानों सहित सभी को यकीन दिलाना चाहता हूं। हम कल (शनिवार) श्रीनगर का मशहूर ट्यूलिप गार्डन खोल रहे हैं। इसलिए बाढ़ के किसी भी खतरे की चिंता किए बिना आएं और सर्द घाटी का लुत्फ उठाएं।”
स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोट्स ने कहा कि शनिवार से मौसम में सुधार होगा।
उन्होंने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। हमें कल (शनिवार) से मौसम के सुधरने की उम्मीद है।”
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