नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। संकटग्रस्त यमन से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने को लेकर सरकार ने शुक्रवार को कहा कि यमन की राजधानी सना से हवाई मार्ग के जरिए भारतीयों को निकालने का एक अभियान शुरू किया जा सकता है।
यमन के बंदरगाह अल होदीदाह से 306 भारतीयों को लेकर भारतीय नौसेना का एक जहाज जिबूती के लिए रवाना हो गया है, जहां से विमान द्वारा उन्हें स्वदेश लाया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट के जरिए कहा है कि संकटग्रस्त यमन से अपने नागरिकों को निकालने के लिए सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है।
उन्होंने ट्वीट में कहा, “हर मोर्चे पर काम चल रहा है। यमन से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हम हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
अकबरुद्दीन ने कहा कि 35 भारतीय सीमा पार कर यमन से सऊदी अरब के गिजान शहर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी स्वदेश लौटने में उनकी सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा, तो हम सना से विमान द्वारा लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू करेंगे।”
भारत सरकार यमन से अब तक 700 से अधिक भारतीयों को निकालने में सफल रही है, जबकि 350 नागरिक स्वदेश पहुंच चुके हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “लगभग 2,000-2,500 भारतीय नागरिक स्वदेश लौटने को इच्छुक हैं और हमें आशा है कि हम उन्हें निकालने के प्रयासों में तेजी लाएंगे।”
उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात 306 भारतीयों को सुरक्षित यमन के बंदरगाह अल होदीदाह से नौसेना के जहाज आईएनएस सुमित्रा से जिबूती पहुंचाया गया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीतांशु कर ने ट्वीट किया कि भारतीय वायुसेना का एक और ग्लोबमास्टर सी-17 परिवहन विमान भारत के जामनगर से जिबूती पहुंच रहा है।
आईएनएस सुमित्रा के शुक्रवार दोपहर जिबूती पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जाएगा।
अल होदीदाह बंदरगाह से निकलने वाले कुल 306 भारतीयों में 251 पुरुष, 38 महिलाएं व 17 बच्चे शामिल हैं।
यमन से 358 भारतीयों को लेकर दो विमान गुरुवार तड़के भारत पहुंचे, जिनमें से एक कोच्चि जबकि दूसरा मुंबई में उतरा।
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