हावड़ा, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। यमन से सकुशल स्वदेश लौटे भारतीय भी वहां बिताए भयावह दिनों को याद कर सिहर उठते हैं। पश्चिम बंगाल के स्थानीय निवासी जहीरुल यमन के हालात को याद करते हुए कहते हैं कि वहां के माहौल को देखकर हिंदी फिल्मों के एक्शन दृश्यों की याद आती है। हर जगह बम विस्फोट हो रहे हैं और गोलियां चल रही हैं।
एस. जहीरुल कहते हैं, “मैं वहां के दृश्यों को कभी भूल नहीं सकता। किस तरह वहां बम विस्फोट हो रहे थे और गोलियां चल रही थीं। मैंने ऐसे दृश्य सिर्फ फिल्मों में देखे हैं।”
जहीरुल आभूषण क्षेत्र में काम करने के लिए दो महीने पहले ही यमन के अदन शहर गए थे।
हुगली के हरिपाल क्षेत्र के निवासी जहीरुल ने कहा कि ज्यादातर कामगारों ने कई दिनों से कुछ खाया-पीया नहीं है।
भारी गतिरोध की वजह से भारतीय यमन छोड़कर भाग रहे हैं।
सफीकुल रहमान (22) ने शुक्रवार को यहां हावड़ा स्टेशन पहुंचने के बाद उन भयावह दिनों को याद करते हुए कहा, “मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाऊंगा।”
हुगली जिले में पन्दुआ के निवासी रहमान आभूषण श्रमिक के रूप में काम करने के लिए दो साल पहले अदन गए थे।
रहमान ने कहा कि भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित मुंबई लाने के लिए जहाज भेजे, लेकिन इसके पहले उन्होंने सभी उम्मीदें छोड़ दी थी।
रहमान ने आईएएनएस को बताया, “मैं कभी वापस नहीं जाऊंगा। मैं अपने और परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ वहां गया था। लेकिन मैं अब इस डर को और नहीं जी सकता। मैं यहीं कोई काम ढूढ़ूंगा।”
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