पटना, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में शिक्षक दक्षता परीक्षा में दो बार अनुत्तीर्ण हुए 2,734 नियोजित शिक्षकों को राज्य सरकार ने सेवामुक्त कर दिया है। सरकार ने यह कारवाई पटना उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में की है।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि विभाग ने शनिवार को 2734 शिक्षकों को सेवामुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। हटाए गए शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 के तहत उनकी डिग्रियों के मुताबिक प्राप्त अंकों के आधार पर बनी मेधा सूची के अनुसार हुआ था। इसके बाद सरकार ने इन शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा का आयोजन किया था।
गौरतलब है कि इन शिक्षकों के नियोजन के समय राज्य में शिक्षक योग्यता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन नहीं किया जाता था।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आऱ क़े महाजन ने बताया कि विभाग ने शिक्षक दक्षता परीक्षा में दो बार अनुत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को तत्काल सेवामुक्त करने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि रिजवाना खतून एवं अन्य की ओर से पटना उच्च न्यायालय में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सरकार को सरकारी स्कूलों में नियोजित वैसे शिक्षकों को सेवामुक्त करने का आदेश दिया था जो दो बार शिक्षक दक्षता परीक्षा फेल कर गए हैं।
विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा किशनगंज में 358 ऐसे शिक्षक हैं जो दो बार दक्षता परीक्षा अनुत्तीर्ण हुए हैं।
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