हैदराबाद, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के शेषचालम के जंगलों में पाई जाने वाली कीमती लाल चंदन लकड़ी की गत वर्ष की गई वैश्विक नीलामी से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक आय हुई।
सरकार ने दिसंबर 2014 में 4,160 टन लकड़ी की ई-नीलामी की थी, जो हाल के वर्षो में तस्करों से जब्त की गई थी।
वन विभाग ने तीन किस्म के लाल चंदन की नीलामी की, जो औसत 27.41 लाख रुपये प्रति टन की दर से बिकी।
विदेश व्यापार महानिदेशक ने राज्य को 8,854 टन लकड़ी की बिक्री और निर्यात करने की अनुमति दी थी, लेकिन राज्य ने 4,160 टन की ही नीलामी करने का फैसला किया। शेष लकड़ी की नीलामी 2015 में की जाएगी।
नीलामी से पहले राज्य सरकार ने चीन और जापान में रोड शो किए थे, जहां इसे अच्छी कीमत मिलती है।
राज्य सरकार नीलामी से हासिल आय का 30 फीसदी हिस्सा लाल चंदन वन के संरक्षण पर और शेष राशि का उपयोग कृषि ऋण की माफी पर करना चाहती है।
‘प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ’ (आईयूसीएन) की सूची में लाल चंदन को लुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है। इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रति टन 25 लाख रुपये है। इसका उपयोग मुख्यत: कामोत्तेजक औषधि तथा संगीत वाद्ययंत्र या फर्नीचर बनाने में होता है।
dharmpath.com dharmpath