पथानमथिट्टा, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के चर्चित सौर घोटाला मामले में मुख्य आरोपी सरिता नायर ने सोमवार को टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाए गए उस पत्र को फर्जी करार दिया, जिसमें उन्होंने केरल के वित्त मंत्री के.एम.मणि के बेटे जोस के.मणि व अन्य राजनीतिज्ञों पर अपने शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने असली पत्र को सामने लाने की बात कही है।
नायर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि एक खास टेलीविजन चैनल ने पत्र को असली बताने के उद्देश्य से उनकी टेलीफोन पर की गई बातचीत का जोड़-तोड़ किया है।
नायर ने कहा, “आज (मंगलवार) मैं उस पत्र को सामने लाऊंगी, जिसे मैंने लिखा था और यह साबित कर दूंगी कि सोमवार को टेलीविजन पर दिखाया गया पत्र फर्जी है और प्रदेश की राजनीतिक स्थितियों का फायदा उठाने के लिए ऐसा किया गया है। मैं किसी भी राजनीतिक खेल का हिस्सा नहीं बनना चाहती।”
टेलीविजन चैनलों ने सोमवार को एक पत्र दिखाया था, जो कथित तौर पर नायर द्वारा लिखा गया है, जिसमें उसमें उन्होंने केरल के वित्त मंत्री के.एम.मणि के बेटे जोस के.मणि व अन्य राजनीतिज्ञों पर अपने शोषण का आरोप लगाया है। जोश के.मणि केरल के कोट्टायम से लोकसभा सांसद हैं।
नायर ने कहा, “टेलीविजन पर जिस पत्र को दिखाया गया वह मेरे द्वारा नहीं लिखा गया है। जब मुझे लगेगा कि मेरा शोषण करने वालों के नामों का खुलासा कर देना चाहिए, मैं कर दूंगी। लेकिन इसके लिए मुझपर कोई दबाव नहीं डाल सकता।”
उल्लेखनीय है कि नायर तथा उनके लिव इन पार्टनर बीजू राधाकृष्णन पर निवेशकों के करोड़ों रुपये डकारने का आरोप है। उन्होंने सौर पैनल देने के नाम पर कई निवेशकों से धन की उगाही की थी।
इस मामले में नायर जमानत पर जेल से बाहर हैं, जबकि राधाकृष्णन अभी भी जेल में हैं।
जोश के.मणि ने राज्य की राजधानी में संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी इस राजनीतिक ब्लैकमेलिंग से नहीं डरने वाले।
केरल में सरकार के मुख्य सचेतक पी.सी.जॉर्ज तथा केरल कांग्रेस (मणि) के उपाध्यक्ष मणि के बीच मनमुटाव के बाद से ही केरल की राजनीति में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
माना जा रहा है कि इस पत्र को सामने लाने का मकसद जॉर्ज की बर्खास्तगी से रोकने के लिए चांडी पर दबाव बनाना है।
वहीं जॉर्ज ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, “मुझे दुख है कि यह पत्र अब सामने आया है। सत्तारूढ़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता जानते हैं कि इस पत्र से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”
वहीं, नायर, जॉर्ज व के.मणि ने पत्र की सत्यता की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
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