कोच्चि, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। बंद विरोधी एक कार्यकर्ता को बुधवार को उस समय दुर्व्यवहार झेलना पड़ा, जब उसने माकपा के एक विधायक से पूछ लिया कि जब अन्य लोगों की यात्रा प्रतिबंधित है तो वह कैसे एक कार में सफर कर सकते हैं?
केरल के लोगों को बुधवार को इस वर्ष तीसरे बंद का सामना करना पड़ा है।
कार्यकर्ता राजू पी. नायर ने मीडिया को बताया कि यहां रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षा करते हुए उन्होंने दो प्रमुख वामपंथी नेताओं को देखा।
‘हड़ताल को ना कहें’ समूह के कार्यकर्ता पिछले कुछ वर्षो से बंद का विरोध करते चले आ रहे हैं। नायर और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने बंद के दिन रेलवे स्टेशन पर आने वालों को मुफ्त यातायात सुविधा दी है।
नायर ने कहा, “माकपा विधायक ए. प्रदीप कुमार ट्रेन से उतरे और एक कार में जा बैठे। मैंने उनसे कहा यदि सभी की यात्रा प्रतिबंधित है तो आप क्यों कार में यात्रा करने आए? जब मैंने यह कहा तो उनके साथी और उन्होंने मुझे एक तरफ धक्का दे दिया।”
बुधवार का बंद विभिन्न संगठनों ने बीमा प्रीमियम और ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर विरोध जताने के लिए आयोजित किया था। शहर के कुछ इलाकों में कुछ चुने हुए सार्वजनिक वाहनों की ही आवाजाही हो रही थी, लेकिन गांव पूरी तरह से कटे रहे क्योंकि देहाती क्षेत्र की तरफ कोई वाहन नहीं चल रहा था।
नायर और उनकी टीम ने माकपा के पूर्व राज्य सचिव पानियन रविंद्रन को रेलवे स्टेशन पर पाया। उन्हें भी ले जाने के लिए एक वाहन को प्रतीक्षा करते पाया गया।
नायर ने कहा, “हमने उन्हें कहा कि आखिर वे कैसे घूमने निकले जब वे कहते हैं कि बंद के दिन सभी अपने घर पर ही रहें। लेकिन वे शांत ही रहे और हमें टालने वाला जवाब दिया।”
नायर ने कहा कि इस तरह के बंद के तार्किक निष्कर्ष तक हम बंद के इस तरीके का विरोध करते रहेंगे।
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