तेलंगाना में मारे गए कैदियों के शव परिजनों को सौंपे गए (लीड-1)

हैदराबाद, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना के नलगोंडा जिले में मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच विचाराधीन कैदियों में से चार के शव बुधवार को उनके परिजनों को सौंप दिए गए।

पुलिस ने कहा कि यहां से 150 किलोमीटर दूर वारंगल के सरकारी एमजीएम अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद उनके शवों को परिजनों को सौंपा गया।

वकार अहमद (33), सैयद अहमद अली (27) तथा मोहम्मद जाकिर (35) के शव उनके संबंधियों को सौंप दिए गए, जो हैदराबाद से वारंगल पहुंचे थे। अहमदाबाद के रहने वाले मोहम्मद हनीफ (37) के शव पर भी उसके परिवार ने दावा किया।

पुलिस लखनऊ के रहने वाले इजहार खान (33) के संबंधियों का इंतजार कर रही है। उसके शव को अस्पताल में रखा गया है।

प्रारंभ में वकार अहमद के पिता ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की घोषणा होने तक शव को लेने से इंकार कर दिया, लेकिन बाद में वह मान गए।

वकार का अंतिम संस्कार शाम को होगा। किसी भी अप्रिय घटना के मद्देनजर पुलिस ने मलकपेट में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इसी इलाके में वकार का घर है।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों के एक दल ने सुबह में पोस्टमॉर्टम किया। ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी की गई।

पुलिस ने बताया कि शवों को पहले जनगांव ले जाया गया था, लेकिन शव-परीक्षण के लिए उन्हें मंगलवार रात वारंगल ले जाया गया था। कानूनी प्रक्रिया के कारण इसमें देरी हुई। हालांकि वे नलगोंडा जिले के अलैर पुलिस थाना क्षेत्र में मारे गए थे, लेकिन चूंकि वे वारंगल केंद्रीय कारागार के विचाराधीन कैदी थे, इसलिए उनके शव वारंगल ले जाए गए।

पुलिस के अनुसार, वकार अहमद उर्फ वकारुद्दीन और चार अन्य को वारंगल केंद्रीय कारागार से हैदराबाद ले जाया जा रहा था। इसी बीच रास्ते में एक अभियुक्त ने पुलिस से हथियार छीनने और भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने गोलियां चलाई।

हालांकि, आरोपियों के परिवारों ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। वे पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) और मानवाधिकार समूहों ने पुलिस की इस कार्रवाई को पिछले सप्ताह नलगोंडा जिले में आतंकियों द्वारा मारे गए पुलिसकर्मियों का ‘बदला’ करार दिया है।

घटना के 12 घंटों बाद पुलिस ने मंगलवार रात एक बयान में घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे ‘मुठभेड़’ कहा था।

पुलिस ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक आतंकवादी समूह तहरी गल्बा-ए-इस्लाम (टीजीआई) बनाया था। वे साल 2007 व 2010 के दौरान हैदराबाद में दो पुलिसकर्मियों, जबकि गुजरात में एक पुलिसकर्मी की हत्या में शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि वे मंगलवार की घटना की जांच कर रहे हैं। इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493