इस्लामाबाद, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। अदालत के आदेश के बाद 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य आरोपी जकी उर रहमान लखवी को शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया गया। इस भीषण आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे।
लाहौर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को लखवी के हिरासत आदेश को खारिज कर दिया और उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था।
समाचार चैनल जियो टेलीविजन की रपट के मुताबिक, लखवी को बीती रात अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के लिए न तो जेल अधिकारियों और न ही जमात-उद-दावा (जेयूडी) की तरफ से कोई घोषणा की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, लखवी की अगवानी के लिए जेल के बाद जेयूडी के प्रतिनिधि मौजूद थे। रिहाई के बाद उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
लाहौर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को लखवी के हिरासत आदेश को खारिज करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। न्यायालय उसकी चौथी याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने पिछले महीने पंजाब सरकार के एक महीने के हिरासत आदेश को चुनौती दी थी।
लखवी ने अपने हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए लाहौर उच्च न्यायालय का रुख किया था। उसके वकील ने याचिका में दलील दी कि उच्च न्यायालयों द्वारा उसके मुवक्किल के हिरासत के आदेश को खारिज किए जाने के बाद भी उसे हिरासत में रखा गया है।
लाहौर उच्च न्यायालय ने लखवी की जमानत याचिका भी मंजूर कर ली और उसे दस लाख रुपये की दो जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया।
बीते महीने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने लखवी की हिरासत को अवैध करार देते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया था।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले पर चिंता जताते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को बुलाकर विरोध दर्ज किया था।
लखवी उन सात लोगों में शामिल है, जिनपर साल 2008 में मुंबई हमले का षडयंत्र रचने व हमले में मदद करने का आरोप है। मुंबई हमले में 166 लोग मारे गए थे, जबकि लगभग 300 लोग घायल हुए थे। छह अन्य लोगों- हम्माद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, यूनस अंजुम, जमील अहमद, मजहर इकबाल तथा अब्दुल माजिद- के खिलाफ सुनवाई चल रही है।
माना जाता है कि हमले के वक्त लखवी प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का कार्यवाहक प्रमुख था। भारत ने इस हमले के लिए लश्कर को ही जिम्मेदार ठहराया है।
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