आईजोल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को मिजोरम विश्वविद्यालय में कहा कि उभरते भारत में सभी जगह के युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। उन्होंने मिजोरम के युवकों से आह्वान किया कि वे देश का भविष्य बनाने के लिए अन्य भागों के युवकों के साथ हाथ मिलाएं।
राष्ट्रपति शुक्रवार को मिजोरम विश्वविद्यालय के 10वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज भारत निरंतर विकास के रास्ते पर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में हम अपनी युवा आबादी की अद्भुत कल्पनाओं, उद्यम और ऊर्जा की मदद से लगातार आगे बढ़ रहे हैं, चाहे फिर वह व्यवसाय, उद्योग, व्यापार, शिक्षा अथवा संस्कृति हो।
उन्होंने कहा कि उभरते हुए भारत में मिजोरम सहित देश के सभी युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। मिजोरम के युवकों को राष्ट्र का भविष्य बनाने के लिए देश के अन्य भागों के युवकों के साथ हाथ मिलाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि उच्च शिक्षा के संस्थान समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। इन संस्थानों को क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक योगदान देने के लिए प्रत्येक क्षेत्र के विशेषज्ञों का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल इंडिया और सांसद आदर्श ग्राम योजना जैसे विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए हैं। कुलाधिपतियों के सम्मेलन में यह फैसला किया गया कि प्रत्येक केन्द्रीय विश्वविद्यालय कम से कम पांच गांवों को अपनाकर उन्हें विकसित करेगा और उन्हें विश्वास है कि मिजोरम विश्वविद्यालय सभी की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
राष्ट्रपति ने कन्फ्यूशियस को उद्घृत करते हुए शिक्षा की महत्ता बताई और कहा, “शिक्षा विश्वास पैदा करती है। विश्वास उम्मीद पैदा करता है और उम्मीद शांति पैदा करती है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव अस्तित्व के दो मूल उद्देश्यों की रक्षा करती है, पहला ज्ञान का प्रसार और दूसरा चरित्र निर्माण।
उन्होंने कहा कि औषधीय चिकित्सा से लेकर इंजीनियरिंग, अध्यापन, प्रशासन, व्यवसाय, राजनीति और सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के पथ प्रदर्शन में उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को भारत की उच्च शिक्षा में बदलाव की अगुवाई करनी चाहिए।
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