नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। धर्मस्थलों पर हाल के दिनों में हुए हमलों से नरेंद्र मोदी सरकार की साख को बट्टा लगा है, यह कहना है अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का। उन्होंने कहा कि ये हमले अस्वीकार्य हैं और देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के खिलाफ सरकार बिल्कुल सख्ती से निपटेगी।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। धर्मस्थलों पर हाल के दिनों में हुए हमलों से नरेंद्र मोदी सरकार की साख को बट्टा लगा है, यह कहना है अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का। उन्होंने कहा कि ये हमले अस्वीकार्य हैं और देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के खिलाफ सरकार बिल्कुल सख्ती से निपटेगी।
नकवी ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, “जब गिरजाघरों और अन्य धर्मस्थलों पर हमला किया जाता है और तोड़फोड़ होती है, तो हमें दुख होता है। इस तरह की गतिविधियों के कारण सरकार की साख खराब होती है। सरकार ने हालांकि कार्रवाई की है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मुस्लिम और ईसाई नेताओं के साथ मुलाकात का हवाला देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री की धार्मिक नेताओं और विभिन्न धर्मो के लोगों से मुलाकात से यह स्पष्ट है कि सरकार इस तरह के मुद्दों पर कितना गंभीर है।”
भाजपा नेता ने कहा, “केंद्र सरकार धर्मस्थलों पर हुए हमलों को कतई बर्दास्त नहीं करेगी।” धार्मिक स्थलों पर हमला करने वालों को अपराधी करार देते हुए नकवी ने कहा कि ऐसे लोगों का कोई धर्म नहीं होता।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “उनका कोई धर्म नहीं होता। वे इस तरह के कृत्यों को आपराधिक मानसिकता से अंजाम देते हैं।”
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया हमला मोदी सरकार को अस्वीकार्य है।
दिल्ली के एक ईसाई स्कूल और पांच गिरजाघरों पर हाल में हुए श्रंखलाबद्ध हमलों पर विपक्ष और ईसाई समुदाय के लोगों ने मोदी पर आंखें बंद कर लेने का आरोप लगाया था। 17 फरवरी को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार सभी धर्मो को बराबर सम्मान देती है।
नकवी ने कहा, “केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों में विश्वास पैदा करने की दिशा में काम कर रही है, खास तौर से उन लोगों के लिए जो किसी तरह की हिंसा से प्रभावित हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के कमजोर व्यक्ति का समावेशी विकास सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
नकवी ने कहा, “हम देश के हर कोने में प्रभावित लोगों तक पहुंच रहे हैं। दुखी और प्रभावित लोगों में विश्वास की भावना पैदा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है क्योंकि इस देश का बहुसंख्यक समुदाय चाहता है कि यह देश धर्मनिरपेक्ष रहे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जाएगा कि इसमें सत्ता के दलालों और बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे, जोकि अल्पसंख्यकों को मिलने वाली राशि का अधिकांश हिस्सा हड़प जाते हैं।
उन्होंने कहा, “अल्पसंख्यकों के लिए किसी भी सरकारी योजना से मिलने वाली मदद सीधे उन तक पहुंचेगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को उचित कार्यान्वन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की खामी पर ध्यान दिया जा रहा है।”
नकवी ने कहा, “हमारी सरकार संवेदनशील है। हमारा काम हमारे शब्दों से ज्याता तेज बोलता इसीलिए हम किसी को नहीं बताते कि हम अल्पसंख्यकों के विकास और शांति सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं।”
नकवी ने देश में सांप्रदायिक अव्यवस्था के लिए वोट बैंक की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।
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