नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने यहां शुक्रवार को कहा कि भारत के पास आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक हैं लेकिन बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए जरूरी है कि वैज्ञानिक मिलकर प्रयास करें।
देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शीर्ष हस्तियों को सम्मानित करने के लिए विज्ञान भारती द्वारा आयोजित एक समारोह में हर्षवर्धन ने कहा, “अक्सर दाहिने हाथ को यह पता नहीं होता कि बायां हाथ क्या कर रहा है। देश के सपने को साकार करने के लिए अब इस मामले पर गहराई से विचार-विमर्श करने का समय आ गया है।”
इस अवसर पर हर्षवर्धन के साथ उनके मंत्रालय के सहयोगी डॉ. जितेंद्र सिंह ने नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. आशुतोष शर्मा और इसरो के अध्यक्ष किरण कुमार को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी में सम्मानित किया।
इसके अलावा विज्ञान भारती के अध्यक्ष डॉ. विजय भाटकर को भी सम्मानित किया गया, जिन्हें इस सप्ताह पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।
परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सिंह ने समारोह के दौरान कहा, “छोटे स्तर के हेरफेर भारत की वैज्ञानिक प्रगति में बाधा पहुंचा रहे हैं। फिर भी, हमारे देश में विज्ञान ने अविश्वसनीय रूप से उन्नति की है।”
इस अवसर पर बेंगलुरू में आगामी अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के लिए लोगो भी जारी किया गया।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक मंडल के अध्यक्ष डॉ. भाटकर ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि आविष्कारों से ऐसे एप्लीकेशनों का विकास होता है जिनके बारे में वैज्ञानिक भी नहीं सोच पाते। उन्हांेने इसके एक उदाहरण के रूप में इंटरनेट का जिक्र किया।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. आर. चिदंबरम ने उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी सुपर संरचना के निर्माण के लिए भारत के लिए बुनियादी अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की जरूरत पर बल दिया।
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