खन्ना (पंजाब), 12 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के खन्ना शहर की खन्ना अनाज मंडी एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी है। यहां पंजाब के खेतों से लाखों टन अनाज पहुंचता है।
अनाज मंडी के लिए अप्रैल-मई और अक्टूबर-नवंबर महीना सबसे व्यस्त समय होता है। इस दौरान यहां हजारों कुंटल गेहूं और धान पहुंचता है।
यहां अनाज मंडी में किसानों को अपनी पैदावार लाते और खरीदी एजेंसियों एवं निजी खरीदारों से अनाज का सौदा करते देखा जा सकता है। पूरी अनाज मंडी में अढ़तियों की अच्छी खासी संख्या है।
अढ़तिया संघ के अध्यक्ष हरबंस सिंह रोशा ने आईएएनएस को बताया, “खन्ना अनाज मंडी अपनी तरह की सबसे बड़ी मंडी है। किसान अपने उत्पाद बेचने के लिए यहां लाते हैं। ग्रांड ट्रंक (जीटी) रोड पर होने की वजह से मंडी को फायदा भी मिलता है।”
51 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली इस अनाज मंडी के कंक्रीट से बने चबूतरे और छप्पर हैं, जहां खाद्य अनाजों की खरीद फरोख्त होती है।
दस अप्रैल से पंजाब में गेंहू की खरीदारी शुरू हो जाएगी, जो दो महीने तक चलेगी। इसके साथ ही खन्ना अनाज मंडी इस व्यस्त समयावधि के लिए स्वयं को तैयार कर रहा है। बेमौसम बारिश के बावजूद अढ़तियों और सरकारी खरीदी अधिकारियों को मंडी में गेहूं की आवक में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।
हरबंस ने कहा, “हालांकि बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की वजह से हाल के सप्ताह में कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान हुआ है। लेकिन हम गेहूं की आवक में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।”
मंडी में प्रतिवर्ष धान और गेहूं की सर्वाधिक आवक होती है। यहां आने वाली अन्य फसलों में सूरजमुखी, जौ, मक्का, सरसों, प्याज और आलू शामिल हैं।
बाजार समिति के वरिष्ठ संचालक प्रवीण कौशल ने कहा, “यहां 1967 से अनाज मंडी लगती आ रही है। पिछले कुछ सालों में यहां आने वाले खद्यान्न की मात्रा में गिरावट आई है। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए अन्य खरीदी केंद्र भी खोले हैं।”
पजांब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवल ने कहा, “इस बार, राज्य सरकार ने पंजाब में 1,814 खरीदी केंद्रों की स्थापना की है और जरूरत के अनुसार अन्य केंद्रों की स्थापना भी की जा सकती है।”
किसानों का कहना है कि राज्य सरकार अनाज मंडी को अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकती है।
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