कर्नाटक की सत्ता में लौटेंगे : सदानंद गौड़ा

images (1)बेंगलुरू, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने मानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कर्नाटक के 2013 के चुनावों में अपनी गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें उम्मीद है कि तीन साल बाद होने वाले चुनावों में राज्य की सत्ता में लौटने के लिए पार्टी एकजुट होकर काम करेगी।

बेंगलुरू, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने मानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कर्नाटक के 2013 के चुनावों में अपनी गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें उम्मीद है कि तीन साल बाद होने वाले चुनावों में राज्य की सत्ता में लौटने के लिए पार्टी एकजुट होकर काम करेगी।

केंद्रीय कानून मंत्री गौड़ा ने आईएएनएस को दिए एक सक्षात्कार में कहा, “कर्नाटक में भाजपा सत्ता में लौटेगी। यह राज्य के लिए अच्छा होगा, और लोग भी इस बात को जानते हैं।”

दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में भाजपा ने पहली बार वर्ष 2008 में सरकार का गठन किया था। यह पार्टी पांच साल तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही। इस दौरान राज्य ने हालांकि तीन मुख्यमंत्री देखे। मगर वर्ष 2013 के चुनाव में 224 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा 40 सीटों तक ही सिमट गई।

गौड़ा ने कहा, “हम अपनी गलतियों और आतंरिक समस्याओं के कारण हारे। लेकिन कर्नाटक के लोग अभी भी हमें चाहते हैं।”

गौड़ा अगस्त, 2011 में बी.एस. येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। येदियुरप्पा को राज्य के लोकायुक्त ने खनन घोटाले में जेल भिजवाया था।

गौड़ा यूं तो येदियुरप्पा की ही पसंद थे, लेकिन कुछ दिनों बाद वह येदियुरप्पा की मर्जी को नजरअंदाज करने लगे, नतीजतन उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद पार्टी ने जुलाई 2012 में जगदीश सेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया था।

लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले येदियुरप्पा ने वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले कर्नाटक जनता पक्ष (केजेपी) नाम से अलग पार्टी बना ली थी। हालांकि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में मात्र छह सीटें ही जीत पाई थी।

लोकसभा चुनाव से पहले हालांकि येदियुरप्पा भाजपा में वापस आ गए और फिलहाल पार्टी के उपाध्यक्ष हैं।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों में येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी के सवाल पर गौड़ा ने कहा, “वह पहले से ही पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर हैं।”

गौड़ा ने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह में फंस गई है और लोग राज्य सरकार के खराब प्रदर्शन से परेशान हैं।

गौड़ा ने कहा, “छोटी अवधि में ही लोग कांग्रेस से परेशान हो गए हैं। पार्टी की अंदरूनी कलह से लोग खुद को बेसहारा महसूस कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कर्नाटक के लिए भाजपा बेहतर पार्टी है और हम जल्द ही सत्ता में लौटेंगे।”

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद भाजपा ने अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बेंगलुरू में की। बैठक का आयोजन कर्नाटक की राजधानी में करने का उद्देश्य साफ है कि पार्टी दक्षिणी राज्यों में अपना फैलाव चाहती है, क्योंकि दक्षिण भारत में भाजपा अपेक्षाकृत कमजोर है।

दक्षिणी राज्यों में पार्टी के विस्तार की बात पर गौड़ा ने कहा कि भाजपा के सदस्यता अभियान को बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है और उम्मीद है कि यह मतों में बदलेगा।

उन्होंने बताया कि केरल में पार्टी के सदस्यों की संख्या 23 लाख तक पहुंच गई है। वहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला मोर्चा सत्ता में है और वाम मोर्चा मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहा है।

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