अंकित की असमय मौत से साथी खिलाड़ी अभी भी सदमे में

कोलकाता, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल क्रिकेट टीम के खिलाड़ी सौरभ मंडल इसी हफ्ते की शुरुआत में अपने साथी खिलाड़ी अंकित केसरी की मैदान पर हुई दुर्घटना के कारण मौत के सदमे से अब तक बाहर नहीं निकल सके हैं।

अंकित पिछले हफ्ते एक घरेलू मैच के दौरान क्षेत्ररक्षण करते हुए एक कैच लपकने के प्रयास में सौरभ मंडल से बुरी तरह टकरा गए और उनके सर में गंभीर चोट आई, जो अंतत: उनकी मौत का सबब बनी।

17 अप्रैल के उस मनहूस दिन को याद करते हुए सौरभ और वह शॉट खेलने वाले भवानीपुर टीम के बल्लेबाज ऋतिक चटर्जी ने कहा कि पूरा घटनाक्रम जैसे किसी दुस्वप्न की तरह लग रहा है, जिसे भूल पाना उनके लिए बेहद कठिन है।

बंगाल अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान अंकित को 17 अप्रैल को मैदान पर लगी चोट के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। तीन दिन के बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

सौरभ उस दुर्घटना को याद करते हुए कहते हैं, “अंकित स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे और मैं गेंदबाजी कर रहा था। बल्लेबाजी कर रहे ऋतिक ने कवर की ओर ऊंचा शॉट लगाया। मैं तेजी से कैच लपकने के लिए गेंद के पीछे गया, जिससे कि उन्हें रन लेने से रोक सकूं।”

सौरभ ने कहा, “अंकित उस समय डीप एक्स्ट्रा कवर में क्षेत्ररक्षण कर रहे थे और मुझे इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वह गेंद के पीछे आ सकते हैं। हो सकता है कि वह टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाह रहे थे, क्योंकि अतिरिक्त खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर आए थे।”

भविष्य के बेहतरीन खिलाड़ी माने जा रहे अंकित का बीते सोमवार को निधन हुआ। बीते वर्ष नवंबर में घरेलू मैच के दौरान बाउंसर लगने से आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी फिलिप ह्यूज की मौत के बाद अब अंकित की मौत ने क्रिकेट जगत को एक बार फिर शोक के लहर में डुबा दिया है।

बेहद भावुक हो चुके सौरभ ने कहा, “जब लोगों से मुझे पता चला कि अंकित नहीं रहा तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ। लोगों ने मुझे अंकित के पास जाने से मना किया, लेकिन मैं उसे आखिरी बार देखना चाहता था।”

सौरभ ने कहा, “मैं साथी खिलाड़ियों के साथ अस्पताल गया। तभी अंकित की मां तेजी से हमारी ओर आईं और कहने लगीं ‘पूरी टीम है..लेकिन मेरा बेटा कहां है? उसे मेरे पास लाओ।’ मेरे कानों में उनके शब्द अब तक गूंज रहे हैं।”

चटर्जी भी अंकित की मौत पर बेहद दुखी हैं।

चटर्जी ने कहा, “अंकित की हालत स्थिर होने की सूचना मिली तो राहत मिली थी। लेकिन सोमवार को जब मुझे उसकी मौत का पता चला तो ऐसे लगा जैसे मैं कोई दुस्वप्न देख रहा हूं..मुझे विश्वास नहीं हो रहा था।”

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