नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ में भूकंप की त्रासदी झेल रहे नेपाल के प्रति दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत नेपाल के साथ दुख की इस घड़ी में हमेशा उसके साथ है और उसे हर संभव मदद करेगा।
मोदी ने कहा, “मैंने कच्छ भूकंप को निकट से देखा है। यह आपदा कितनी भयानक हो सकती है, उसकी कल्पना कर सकता हूं। नेपाल के भाइयों-बहनों आपकी मदद के लिए भारत हमेशा आपके साथ है।”
उन्होंने कहा, “सबसे पहला काम है राहत कार्य, लोगों को बचाना, विशेषज्ञों की टीम भेजी गई है। इस आपदा के समय हर नेपाली के आंसू भी पोछेंगे, उनका साथ भी देंगे। उन लोगों का दुख भी हमारा दुख है। मलबे के नीचे जो जीवित दबे हैं उन्हें जिंदा बाहर निकालना पहला काम है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए नेपाल अपना है।”
गौरतलब है कि शनिवार को नेपाल में आए भीषण भूकंप के कारण वहां भारी तबाही हुई है और अब तक प्राप्त खबरों के मुताबिक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भूकंप का असर भारत में भी उत्तरी हिस्से में रहा और विभिन्न हिस्सों से दर्जनों लोगों के मरने की खबरें आई हैं।
मोदी ने भारत की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान के बारे में कहा, “लोगों की टीम भेजी है। विशेष रूप से प्रशिक्षित खोजी कुत्ते भेजे गए हैं। बचाव अभियान के बाद राहत और उसके बाद पुनर्वास का काम भी चलाना है। मानवता की भी कितनी बड़ी ताकत होती है।”
प्रधानमंत्री ने शनिवार को नेपाल और भारत में भूकंप से हुई तबाही से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें भूकंप की वजह से हो रहे बचाव कार्यो और अन्य मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।
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