नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली से काठमांडू जाने के लिए रविवार को स्पाइसजेट के विमान को नेपाल में भूकंप के ताजा झटकों की वजह से आधे रास्ते से ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान में सवार यात्रियों के चेहरे पर डर और चिता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं। इन यात्रियों में अधिकतर नेपाल के नागरिक थे।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली से काठमांडू जाने के लिए रविवार को स्पाइसजेट के विमान को नेपाल में भूकंप के ताजा झटकों की वजह से आधे रास्ते से ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान में सवार यात्रियों के चेहरे पर डर और चिता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं। इन यात्रियों में अधिकतर नेपाल के नागरिक थे।
स्पाइसजेट विमान की उड़ान संख्या एसजी041 ने नेपाल जाने के लिए दोपहर 12.30 बजे दिल्ली हवाईअड्डे से उड़ान भरी। विमान को अपराह्न् 2.40 बजे काठमांडू के त्रिभुवन हवाईअड्डे पर उतरना था।
नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप के बाद हुई तबाही की वजह से अधिकतर यात्री चिंतित थे। नेपाली नागरिक अपने संबंधियों और दोस्तों से मिलने के लिए उत्सुक थे। नेपाल में भूकंप में 2,130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
यात्रा के बीच में ही विमान के पायलट ने घोषणा की, “हमें खेद हैं। नेपाल में भूकंप के ताजा झटकों की वजह से हमें वापस लौटना पड़ रहा है। काठमांडू हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है और हम वापस दिल्ली लौट रहे हैं।”
भूकंप के ताजा झटकों की खबर से विमान में सवार यात्रियों में खौफ उत्पन्न हो गया।
विमान में सवार बुद्ध (25) काफी हताश नजर आया। उसने कहा, “मैंने भूकंप की वजह से अपनी पत्नी, आठ वर्षीय बेटे और एक माह की बच्ची को खो दिया है।”
काठमांडू के पास एक गांव में बुद्ध का घर है, लेकिन भूकंप की वजह से उसका घर ढह गया, जिसमें उसके परिवार की मृत्यु हो गई। शनिवार शाम काठमांडू फोन करने पर बुद्ध को अपने परिवार के मरने की खबर मिली। उसे कुछ उम्मीद है कि उसकी मां जीवित है।
बुद्ध ने कहा, “मुझे नहीं पता कि अब क्या होगा। मैं अपनी मां को ढूंढ़ने के लिए काठमांडू जा रहा हूं। मुझे खबर मिली है कि वह जीवित है। मुझे पता लगाना है कि वह कहां है। मेरा घर पूरी तरह से तबाह हो गया है।”
भारतीय मूल के नेपाली नागरिक सत्य नारायण (50) ने कहा कि वह अपनी बेटी को लेकर बहुत चिंतित हैं।
उनकी शनिवार शाम अपनी बेटी से बात हुई थी और अब वह उससे मिलने के लिए काठमांडू जा रहे हैं।
विमान के बीच मार्ग से वापस लौटने से उन्हें निराशा हुई है।
नारायण ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई नेपाल में अपना घर बनाने में लगा दी। अब उन्हें उम्मीद है कि उनका घर सुरक्षित है।
रुबैका सपकोटा भी नेपाल में अपने परिजनों के लिए चिंतित है।
विमान में सवार यात्रियों को उम्मीद है कि आगे भूकंप के और झटके नहीं आएंगे और विमान एक बार फिर सुरक्षित तरीके से काठमांडू जाने के लिए उड़ान भरेगा।
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