नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। फ्रांस के रक्षा मंत्री ज्यां येवेस ली द्रियान और भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बीच यहां बुधवार को होने वाली वार्ता में 36 राफेल युद्धक विमानों की खदीदारी पर प्रमुखता से वार्ता होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान पूरी तरह तैयार राफेल विमानों की खरीदारी करने की घोषणा की थी।
औपचारिक वार्ता मोदी की फ्रांस यात्रा के समय हुई संयुक्त घोषणा की तर्ज पर होगी। इस घोषणा में भारत ने फ्रांस से कहा था कि भारत सरकार पूरी तरह तैयार 36 राफेल विमानों की यथाशीघ्र खरीदारी करना चाहेगी।
पर्रिकर ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि दोनों पक्ष विमानों की आपूर्ति के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता करने पर सहमत हुए हैं। विमानों की आपूर्ति भारतीय वायु सेना की जरूरतों के मुताबिक निर्धारित अवधि के भीतर होगी। विमानों, संबंधित उपकरणों और हथियारों की आपूर्ति वायुसेना के परीक्षण में मंजूर किए गए मानकों के अनुरूप होगी। विमानों की मरम्मत की दीर्घकालीन जिम्मेदारी फ्रांस की होगी।
दोनों रक्षा मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 9-12 अप्रैल के फ्रांस दौरे के दौरान राष्ट्रपति फ्रांस्वा होलांद के साथ शुरू हुई सुरक्षा और रक्षा वार्ता को आगे बढ़ाएंगे, साथ ही 36 राफेल विमानों की खरीदारी पर भी वार्ता करेंगे।
फ्रांस के दूतावास द्वारा जारी एक बयान में यहां कहा गया कि फ्रांसीसी मंत्री की इस यात्रा का मकसद है 10 अप्रैल की भारत-फ्रांस संयुक्त घोषण पर आगे की वार्ता करना।
ली द्रियान के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राफेल निर्माता कंपनी दस्सॉ के वरिष्ठ अधिकारी भी आएंगे। 36 राफेल आयात पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
समझौते की बारीकियां तय करने के लिए दोनों सरकारों की एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी।
पर्रिकर ने राज्यसभा में यह भी कहा कि रूस के साथ एक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान की डिजाइन, विकास और उत्पादन के लिए एक समझौते पर सरकार ने हस्ताक्षर किए हैं।
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