अलाप्पुझा (केरल), 7 मई (आईएएनएस)। केरल में चार महिला खिलाड़ियों द्वारा जहरीला फल खाने की घटना पर कई तरह की जांच शुरू हो गई है। घटना में चारों महिला खिलाड़ियों में से एक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की स्थिति गंभीर है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इनमें से एक खिलाड़ी ने हाल ही में केरल में ही संपन्न हुए 35वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चारों वेम्बानाड लेक स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) के वाटर स्र्पोट्स केंद्र में एक साथ प्रशिक्षण लेती थीं।
अलाप्पुझा के जिला पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार ने आईएएनएस को बताया कि घटना की जांच में जुटी स्थानीय पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे चारों खिलाड़ियों द्वारा संयुक्त रूप से लिखा माना जा रहा है।
कुमार ने कहा, “जी हां, चारों खिलाड़ियों द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें कहीं पर भी वरिष्ठ खिलाड़ियों या अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना की बात नहीं लिखी है। हालांकि इसमें उन्होंने लिखा है कि वे एक छोटी सी गलती के कारण यह कदम उठा रही हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि सुसाइड नोट के अलावा अधिकारियों ने गंभीर स्थिति में चल रहीं तीनों खिलाड़ियों के बयान ले लिए हैं।
पूरी घटना से वाकिफ सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि लड़कियों ने बीयर पी रखी थी, जिसकी सूचना अधिकारियों को दे दी गई थी। अधिकारियों ने लड़कियों से ऐसा करने के लिए मना किया था।
अधिकारियों द्वारा शराब पीने से मना करने पर नाराज लड़कियों ने जहरीला फल खा लिया।
मंत्रालय द्वारा जारी एक वक्तव्य के अनुसार, खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इस बात पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा लड़कियों को शारीरिक एवं मानसिक दबाव देने के कारण लड़कियों ने यह कदम उठाया।
सोनोवाल ने कहा कि पुलिस जांच में यदि साई के किसी भी अधिकारी के खिलाफ किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने घटना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए राज्य के पुलिस महानिरीक्षक एम. आर. अजित कुमार को मामले की जांच करने के लिए कहा है।
केरल के मानवाधिकार आयोग ने मामले पर स्वसंज्ञान लेते हुए अपने पुलिस महानिरीक्षक एस. श्रीजीत को घटना की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
राज्य के खेल मंत्री तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने खेल सचिव एम. शिवशंकर से घटना पर रिपोर्ट मांगी है और तीनों खिलाड़ियों का उपचार सरकारी खर्च पर करवाए जाने की घोषणा की।
सुरेश कुमार ने इस बीच बताया कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई अंतिम बात की जा सके।
सुरेश कुमार ने कहा, “उन्हें कल (बुधवार) रात जहरीला फल खाने के बाद अलाप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर अवस्था में लाया गया। यह फल केरल में आमतौर पर पाया जाता है।
कुमार ने आगे कहा, “इनमें से एक अपर्णा की गुरुवार तड़के मौत हो गई, जबकि अन्य तीन को अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है और चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं। इनकी स्थिति के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।”
शाम तक एसएआई केंद्र में चार लड़कियों को बेचैनी महसूस हुई और इन्हें जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने इनकी स्थिति गंभीर बताई। इसके बाद इन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया।
अपर्णा के निकट संबंधी ने कहा कि एसएआई अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे शारीरिक और मानसिक दबाव की वजह से ये चारों लड़कियां अत्यधिक तनाव में थी।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “कुछ दिन पहले अपर्णा को चप्पू से गर्दन पर मारा गया था। साई के हॉस्टल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यह सभी के लिए खुला हुआ है, जिससे कोई भी हॉस्टर में आ-जा सकता है।”
पुलिस अपर्णा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
सोनोवाल ने गुरुवार को कहा, “केरल में हुई इस घटना पर मैं बेहद दुखी हूं। मैं पीड़िता के परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। हम पीड़िता के परिवार को हरसंभव मदद करेंगे।”
सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने साई के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास को बीमार खिलाड़ियों का समुचित इलाज सुनिश्चित कराने और घटनास्थल का मुआयना कर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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