खंडवा, 8 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने के विरोध में घोगलगांव में चल रहा जल सत्याग्रह शुक्रवार को 28वें दिन भी जारी रहा। वहीं 50 और बुद्घिजीवियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विस्थापितों की मांगें मानने के साथ हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
बांध का जल स्तर 189 मीटर से 191 मीटर किए जाने के बाद से 11 अप्रैल से घोगलगांव में जल सत्याग्रह चल रहा है। सत्याग्रह करने वालों के स्वस्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। सरकार की ओर से मांगें पूरी न किए जाने का आंदोलनकारी लगातार आरोप लगा रहे हैं।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की वरिष्ठ सदस्य चितरुपा पालित ने बताया कि जल सत्याग्रह के 28वें दिन शुक्रवार को देश के 50 और बुद्घिजीवियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जल सत्याग्रह पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हस्तक्षेप करते हुए विस्थापितों की पुनर्वास की मांग स्वीकार करने का आग्रह किया। पत्र लिखने वालों में पूर्व नौसेना अध्यक्ष एडमिरल रामदास, खाद्य सुरक्षा कार्यकर्ता देवेन्द्र शर्मा, मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम हाशमी, महिलाधिकार कार्यकर्ता उमा चक्रबर्ती तथा अनेक संगठन शामिल हैं।
कमानखेडा और घोगलगांव में शुक्रवार को कई बार पुलिस का आना हुआ। साथ ही ग्राम कामनखेड़ा में शासन द्वारा चार नावें खड़ी कर दी गई है। सत्याग्रह स्थल पर जल सत्याग्रहियों के साथ सैकड़ों विस्थापित डटे रहे। सत्याग्रहियों का स्पष्ट रूप से कहना है की यदि सरकार को जल सत्याग्रहियों के स्वास्थ्य की चिंता है तो उनकी मांगों को तत्काल स्वीकार करना चाहिए। जल सत्याग्रह पूरे संकल्प के साथ जारी रहेगा।
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