मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद का दायित्व सम्हालने के बाद प्रदीप जोशी को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। उनके प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद राज्यपाल से शिकायत भी की गई थी कि इनकी नियुक्ति पर राज्य सरकार ने तय मानकों का पालन नहीं किया।
राज्यपाल को एक मात्र प्रदीप जोशी का नाम भेजकर नियुक्ति की सहमति ले ली गई थी। प्रोफेसर जोशी पर लगातार इनके कार्यकाल के दौरान परीक्षा में गड़बड़ी, विभागीय पदोन्नति में अनियमितता का आरोप लगता रहा था। इस मुद्दे पर विधानसभा में भी विपक्ष ने हंगामा किया था।
ज्ञात हो कि प्रोफेसर जोशी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के भांजे हैं।
यूपीएससी में बतौर सदस्य नियुक्ति के बाद जोशी ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्य शासन ने स्वीकार कर लिया है। फिलहाल सदस्य एस.एस. पैकरा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
प्रदीप जोशी राज्य लोक सेवा आयोग के पद पर 3 साल 8 महीने रहे। इनके कार्यकाल में अभी तक करीब 3500 भर्तियां हुई हैं।
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