यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नारद राय के प्रयास से शुरू हुई है। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने भृगु मंदिर को पर्यटन स्थल बनाने के लिए धन उपलब्ध कराया है। इस समय मंदिर परिसर में रंग-रोगन और मार्बल लगाने का कार्य चल रहा है।
मंदिर के अंदर जहां महर्षि भृगु की समाधि स्थल है, वहीं महर्षि भृगु व दर्दर मुनि की प्रतिमा भी स्थापित है। इसके ठीक बगल में शिल्पी प्रभु विश्वकर्मा के साथ ही शंकर-पार्वती व बजरंगबली की प्रतिमा भी लगी हुई है।
बलिया का इतिहास देखा जाए तो महर्षि भृगु का तीसरी मंदिर वर्तमान समय में स्थापित है, जबकि पूर्व के समय में दो मंदिर गंगा में विलिन हो चुके हैं। उस समय के लोगों ने गंगा में समाहित हो रहे मंदिर की ईंट व अन्य जरूरी सामान को लेकर भृगु आश्रम क्षेत्र में पहुंचकर पुन: मंदिर निर्माण कार्य शुरू कराया। आज महर्षि भृगु का विशाल मंदिर बलिया में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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