मड़ियांव क्षेत्र के इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि भिठौली के सिमरागौड़ी गांव में 55 वर्षीय ब्रजेश चंद्र मिश्र अपने दो बेटों- संदीप और संजय के साथ रहते थे। दोनों बेटों की शादी हो चुकी है। ब्रजेश कुछ समय पहले तक एक पेट्रोल पंप पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे।
बताया जाता है कि रविवार देर रात ब्रजेश अपने कमरे में मौजूद थे। इसी बीच परिवार वालों ने गोली चलने की आवाज सुनी। वह लोग दौड़कर कमरे पहुंचे तो देखा कि ब्रजेश खून से लथपथ पड़े हैं और पास में ही उनकी बंदूक भी मौजूद है।
परिवार के लोग आनन-फानन में ब्रजेश को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। ब्रजेश ने अपने गले पर बंदूक सटाकर गोली मारी थी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन कर बंदूक को अपने कब्जे में ले लिया।
परिवार वालों ने बताया कि ब्रजेश की पत्नी की 17 मई वर्ष 2005 को कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद वह हर साल 17 मई को पत्नी की बरसी मनाते थे। इस साल बरसी के दिन उन्होंने अपनी जान ही दे दी।
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