नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को यहां रेल मंत्रालय में वित्तीय मसलों पर नवगठित सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता की। रेल मंत्री ने रेलवे में भारी-भरकम निवेश की जरूरत और आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए विभिन्न स्रोतों एवं व्यवस्थाओं पर हो रहे विचार की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, चर्चा के दौरान सलाहकार बोर्ड के सदस्यों ने घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय धनराशि आकर्षित करने, निवेशकों/कर्जदाताओं को आश्वस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने और वित्त पोषण के मॉडल की निरंतरता सुनिश्चित करने पर अनेक सुझाव दिए।
उल्लेखनीय है कि रेल मंत्री ने संसद में रेल बजट पर चर्चा के दौरान अपने जवाब में सलाहकार बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। इस बोर्ड में वित्तीय जगत की जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं। उम्मीद है कि यह बोर्ड रेलवे के बुनियादी ढांचागत विकास के लिए निवेश आकर्षित करने से जुड़े मसलों पर मार्गदर्शन करेगा एवं सलाह देगा।
प्रभु ने अपने प्रथम बजट में अगले पांच वर्षो के दौरान रेलवे में 8.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इसके तत्काल बाद मंत्रालय ने अगले पांच वर्षो के दौरान 1,50,000 करोड़ रुपये की वित्तपोषण सहायता के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ एक सहमति करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
बयान के अनुसार, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए. के. मित्तल, रेलवे बोर्ड के सदस्यों, मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और आईआरएफसी के प्रबंध निदेशक ने भी बैठक में हिस्सा लिया। सलाहकार समिति के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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