नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। जानलेवा स्वाइन फ्लू वायरस की जांच की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। स्वाइन फ्लू से भारत में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो गई है। देश के प्रमुख सैन्य अनुसंधान केंद्र ने एक ऐसी किट तैयार की है, जिससे घंटों में इस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। जानलेवा स्वाइन फ्लू वायरस की जांच की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। स्वाइन फ्लू से भारत में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो गई है। देश के प्रमुख सैन्य अनुसंधान केंद्र ने एक ऐसी किट तैयार की है, जिससे घंटों में इस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि स्वाइन फ्लू वायरस की जांच करने के मौजूदा जांच प्रणाली दो से तीन दिनों का समय लेती है, जबकि इस नई किट से दो से तीन घंटे में परिणाम मिल जाएंगे।
ग्वालियर के रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीआरडीई) द्वारा तैयार की गई यह पद्धति भी किफायती होगी। इसकी कीमत 30 डॉलर यानी लगभग 2,000 रुपये के आसपास होने की उम्मीद है, जबकि मौजूदा जांच पद्धति की कीमत 4,500 से 10,000 रुपये के बीच है।
इस नई जांच प्रणाली से परिचित डीआरडीओ के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “पारंपरिक पहचान तरीकों में किसी भी प्रतिरोधी की जांच में समय लगता है, लेकिन इस उपकरण पद्धति में जीन संवर्धन विधि का इस्तेमाल होता है।”
देश में रक्षा अनुसंधान में अग्रणी डीआरडीओ का ध्यान भविष्य में रसायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (सीबीआरएन) के इस्तेमाल से जांच को बढ़ाना है।
अधिकारी ने कहा, “जैविक उपकरण के इस्तेमाल के संदर्भ में इससे निपटने का पहला कदम जांच है।”
यह पूछे जाने पर कि क्या इस किट का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा सकता है, अधिकारी ने कहा कि कुछ कंपनियां पहले ही इसके निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध करा चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, स्वाइन फ्लू से इस साल मार्च तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और इससे पीड़ित कुल मामलों की संक्या 33,000 के आंकड़ें को पार कर सकती है। राजस्थान और गुजरात इससे अत्यधिक प्रभावित राज्य हैं।
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