ब्रसेल्स, 22 मई (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा सामूहिक हत्याओं और पल्माइरा के सीरियाई पुरातात्विक खंडहरों के विध्वंस के मामलों को रोम अधिनियम के तहत युद्ध अपराध माना जाएगा।
ईयू की वेबसाइट पर जारी एक बयान में ईयू की विदेश नीति की उच्च प्रतिनिधि फ्रेडेरिका मोघेरिनी ने गुरुवार को कहा कि सीरिया और इराक में सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासतों पर हो रही विध्वंसात्मक आतंकवादी गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के रोम अधिनियम के तहत युद्ध अपराध माना जाएगा।
पल्माइरा और मध्य प्रांत होम्स में आईएस के हमले में लगभग 462 लोगों की जानें गई हैं।
आईएस आतंकवादियों ने बुधवार को पल्माइरा को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया, जो कि संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन की विरासत धरोहारों की सूची में शामिल है।
मोघेरिनी ने कहा कि पल्माइरा में आईएस के कब्जे में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, और हजारों लोगों पर हिंसक गतिविधियों का शिकार होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा अन्य सांस्कृतिक स्थलों पर भी विध्वंस हो सकता है। मोघेरिनी यूरोपीय परिषद की उपाध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने हालत पर चिंता जताते हुए कहा, “ईयू आईएस और अन्य आतंकवादी संगठनों का वित्तपोषण करने के लिए होने वाले सांस्कृतिक संपत्तियों और सांस्कृतिक कलाकृतियों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा अधिनियम 2199 के तहत सभी उपयुक्त कदम उठा चुका है।”
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ, सीरिया में चार साल से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता है, इसके साथ ही यह आईएस को खत्म करने के लिए आईएस के खिलाफ लड़ने वाले गठंबधन का हिस्सा भी है।
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